इस्लामाबाद, 29 सितंबर 2026 : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) को लेकर अब मांग तेज हो गई है। 26 सितंबर को LoC से सात किलोमीटर दूर मंधोल गांव में आयोजित एक रैली में करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। इस प्रदर्शन में LoC और उसकी फेंसिंग हटाने के साथ पुंछ-मेंढर के पुराने रास्ते खोलने की मांग उठाई गई। इस बीच PoK में विरोध-प्रदर्शन के बीच नियंत्रण रेखा के पास लोगों के जुटने की खबर है। मंधोल इलाके में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। उधर, प्रदर्शनकारियों की ओर से भारत की तरफ जाने वाले रास्ते को खोलने और तारबंदी हटाने की मांग किए जाने का दावा भी किया गया है।

मंधोल में बड़ी रैली, LoC को लेकर उठी मांग

मंधोल में आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े नेता सरदार अमान खान ने किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने सभा में LoC को खत्म करने और भारत के जम्मू-कश्मीर के पुंछ तथा मेंढर की ओर जाने वाले पुराने रास्तों को खोलने को लेकर प्रदर्शनकारियों से समर्थन मांगा। आयोजकों के अनुसार, सभा में करीब 25 हजार लोग मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों की ओर से पाकिस्तान के नियंत्रण और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को लेकर भी विरोध जताया गया। हालांकि, रैली में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हो सकी है।

भारत की ओर जाने वाले रास्ते खोलने की मांग

रैली में पुंछ और मेंढर की दिशा में जाने वाले पुराने रास्तों को दोबारा खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, सरदार अमान खान ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि क्या इन रास्तों को खोलने और LoC को हटाने के लिए आंदोलन किया जाना चाहिए। भीड़ की ओर से समर्थन किए जाने का दावा किया गया है।

राशन की आपूर्ति को लेकर भी आरोप

प्रदर्शन के दौरान PoK में आवश्यक सामान की आपूर्ति को लेकर भी आरोप लगाए गए। सरदार अमान खान ने दावा किया कि क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से राशन की सप्लाई प्रभावित है। रिपोर्टों में आटा और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की कमी का भी उल्लेख है। हालांकि, राशन आपूर्ति रोकने और खाद्य सामग्री की कमी से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नाराजगी

रैली में पाकिस्तान सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र में पाकिस्तान के नियंत्रण को लेकर असंतोष जताए जाने की रिपोर्ट है। सरदार अमान खान ने पाकिस्तान सरकार के साथ किसी भी बातचीत में PoK को पड़ोसी के रूप में स्वीकार करने की मांग भी रखी।

कई महीनों से जारी है विरोध

PoK में यह आंदोलन जून 2026 से जारी बताया जा रहा है। मंधोल की रैली इसी आंदोलन का हिस्सा थी। 27-28 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की मांगों में स्थानीय अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के साथ LoC, फेंसिंग और पुंछ-मेंढर के पुराने रास्तों को खोलने जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाएगी। मंधोल में हुई रैली के बाद आंदोलन का अगला चरण क्या होगा, इस पर भी नजर बनी हुई है।