ढाका, 12 सितंबर 2026 : भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) पर कथित तौर पर कुछ लोगों को नदी के रास्ते बांग्लादेश में जबरन भेजने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। BGB के मुताबिक मगर इस कोशिश को उसके जवानों ने नाकाम कर दिया है।

कालिंदी नदी के रास्ते भेजने का आरोप

BGB के बयान के अनुसार, शुक्रवार सुबह BSF की 77वीं बटालियन के जवानों ने सतखीरा जिले में कालिंदी नदी के बीच स्थित एक उथले इलाके से 10 से 12 लोगों को बांग्लादेश की ओर भेजने की कोशिश की। BGB का दावा है कि इस दौरान देसी नाव और स्पीडबोट का इस्तेमाल किया गया। यह इलाका बांग्लादेश के निलडुमर बटालियन के तहत आने वाले खुर्मी बॉर्डर आउटपोस्ट से करीब 3.5 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। इस बीच BGB ने कहा कि उसकी पेट्रोलिंग टीम को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, मौके पर स्पीडबोट भेजी गई। इसके बाद कथित तौर पर बांग्लादेशी क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश को रोक दिया गया।

करीब 10-12 लोग वापस भारतीय क्षेत्र में लौटे

बांग्लादेशी सीमा बल के मुताबिक नदी के बीच स्थित टापू पर मौजूद 10 से 12 लोग सुबह करीब 11 बजे वापस भारतीय क्षेत्र की ओर चले गए। BGB ने इस घटना को कथित तौर पर जबरन ‘पुश-इन’ की कोशिश बताया है। हालांकि इस पूरे मामले में BGB की ओर से लगाए गए आरोपों को महज आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी में BSF की ओर से इस विशेष घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अवैध घुसपैठ को लेकर दोनों देशों में तनाव

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर अवैध घुसपैठ और लोगों को एक-दूसरे के क्षेत्र में भेजे जाने का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। बांग्लादेश अक्सर भारत पर लोगों को उसकी सीमा में जबरन भेजने यानी ‘पुश-इन’ का आरोप लगाता रहा है। दूसरी ओर, भारत की ओर से बांग्लादेशी क्षेत्र से भारत में होने वाली अवैध घुसपैठ को लेकर चिंता जताई जाती रही है। सीमा पर बाड़बंदी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी दोनों देशों के बीच समय-समय पर तनाव देखने को मिलता है।

भारत-बांग्लादेश की करीब 4,100 किमी लंबी सीमा

भारत और बांग्लादेश के बीच करीब 4,100 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। यह सीमा पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, मेघालय और मिजोरम से होकर गुजरती है। कई हिस्सों में नदियां, पहाड़, घाटियां और दुर्गम इलाके होने के कारण सीमा की निगरानी और बाड़बंदी सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण रहती है। ताजा घटना ऐसे समय सामने आई है जब दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और कथित ‘पुश-इन’ को लेकर पहले से ही संवेदनशीलता बनी हुई है।