इस्लामाबाद, 11 सितंबर 2026 : भारत आने वाले 104 सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में एयरपोर्ट पर कथित तौर पर फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया। ये श्रद्धालु श्री हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा के लिए भारत आ रहे थे। यात्रियों के मुताबिक, उनके पास भारतीय वीजा होने के बावजूद पाकिस्तानी इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनसे NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मांगा। इसके साथ ही उन्हें एयरपोर्ट पर बेवजह तंग और परेशान किया गया।
दुबई के रास्ते भारत आने की थी योजना
वाघा-अटारी बॉर्डर बंद होने के कारण इन श्रद्धालुओं ने भारत पहुंचने के लिए दुबई के रास्ते हवाई यात्रा का विकल्प चुना था। यात्रियों के अनुसार, वे एयरपोर्ट पर दुबई जाने वाली फ्लाइट में सवार होने के लिए पहुंचे थे, जहां उन्हें इमिग्रेशन प्रक्रिया के दौरान देश से बाहर जाने से रोक दिया गया। तीर्थयात्रियों का दावा है कि अधिकारियों ने उनसे NOC मांगा और इसी वजह से उन्हें विमान में बोर्ड करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते उनकी दुबई जाने वाली फ्लाइट भी छूट गई।
श्रद्धालुओं ने वीडियो जारी कर बताई आपबीती
एक तीर्थयात्री ने वीडियो संदेश में सवाल उठाया कि जब उनके पास पाकिस्तान का पासपोर्ट और भारत का वैध वीजा है, तो उनसे NOC क्यों मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे कोई सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और धार्मिक यात्रा के लिए भारत जा रहे हैं। श्रद्धालुओं ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों से उन्हें भारत जाने की अनुमति देने की मांग की।
104 श्रद्धालुओं को भारत ने दिया था वीजा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भारत ने 104 सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया था। वाघा-अटारी बॉर्डर बंद होने के कारण उन्हें भारत पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत महंगा हवाई मार्ग चुनना पड़ा।एयरपोर्ट पर रोके जाने के कारण न सिर्फ उनकी यात्रा प्रभावित हुई, बल्कि दुबई की फ्लाइट छूटने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ।
जमीन के रास्ते भारत आने की अपील
तीर्थयात्रियों ने मांग की है कि उन्हें वाघा-अटारी बॉर्डर के जरिए भारत में प्रवेश करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह उनके लिए सिर्फ यात्रा संबंधी परेशानी नहीं है, बल्कि लंबे समय से प्रतीक्षित धार्मिक तीर्थयात्रा में बड़ी बाधा है।




