ढाका, 14 सितंबर 2026 : भारत और बांग्लादेश के बीच बिगड़ते रिश्तों का असर अब दोनों देशों के व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। करीब 16 साल में पहली बार भारत बांग्लादेश के दूसरे सबसे बड़े कारोबारी साझेदार के स्थान से खिसककर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है, जबकि चीन अब भी बांग्लादेश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में बांग्लादेश और अमेरिका के बीच कुल व्यापार करीब 12.67 अरब डॉलर रहा। वहीं, भारत के साथ बांग्लादेश का व्यापार लगभग 10.72 अरब डॉलर दर्ज किया गया। चीन दोनों देशों से काफी आगे बना हुआ है।

अमेरिका ने भारत को कैसे पीछे छोड़ा ?

बांग्लादेश के व्यापारिक साझेदारों की रैंकिंग में हुए इस बदलाव की बड़ी वजह अमेरिका से आयात में हुई बढ़ोतरी मानी जा रही है। पिछले वित्त वर्ष में बांग्लादेश का अमेरिका से आयात करीब 43 फीसदी बढ़कर 3.56 अरब डॉलर पहुंच गया। इससे एक साल पहले यह आंकड़ा लगभग 2.49 अरब डॉलर था। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों ने दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को और मजबूत किया है। इसी वजह से अमेरिका पहली बार भारत को पीछे छोड़कर बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया।

भारत के साथ व्यापार में आई गिरावट

दूसरी तरफ भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार में कमजोरी देखने को मिली। भारत से बांग्लादेश के आयात और बांग्लादेश से भारत को होने वाले निर्यात-दोनों में गिरावट दर्ज की गई। व्यापारिक संबंधों में यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों में तनाव बढ़ा हुआ है।

बांग्लादेश ने भारत से धागे का आयात रोका

मार्च 2025 में बांग्लादेश ने जमीनी बंदरगाहों के जरिए भारत से धागे के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया था। इसके बाद भारत ने भी बांग्लादेश के सामान को कोलकाता एयरपोर्ट के जरिए तीसरे देशों तक निर्यात करने वाली सुविधा वापस ले ली। इसके अलावा भारत ने कुछ बांग्लादेशी उत्पादों के आयात पर भी प्रतिबंध लगाए। इनमें कपड़े, खाद्य उत्पाद, जूट से जुड़े सामान, कपास और धागे का कचरा, प्लास्टिक उत्पाद और लकड़ी का फर्नीचर जैसे सामान शामिल हैं।

अमेरिका के साथ बढ़ा बांग्लादेश का कारोबारी जुड़ाव

बांग्लादेश और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते भी तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत बांग्लादेश अगले 15 वर्षों में अमेरिका से करीब 3.5 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद और 15 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जता चुका है।इसके अलावा बांग्लादेश की ओर से अमेरिकी कंपनी बोइंग से विमान खरीदने की भी बात सामने आई है।

चीन अब भी सबसे आगे

भारत के तीसरे नंबर पर पहुंचने के बावजूद बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार चीन ही बना हुआ है। चीन और बांग्लादेश के बीच व्यापार का वॉल्यूम अमेरिका और भारत दोनों की तुलना में काफी ज्यादा है। इस पूरे बदलाव को दक्षिण एशिया की बदलती Trade Dynamics के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका का भारत को पीछे छोड़ना दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में आए बदलाव का संकेत माना जा सकता है। वहीं, भारत के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बांग्लादेश लंबे समय से उसके प्रमुख क्षेत्रीय व्यापारिक साझेदारों में शामिल रहा है।