वॉशिंगटन, 16 सितंबर 2026 : अंडे का छिलका जिसे हम आमतौर पर कचरा समझकर फेंक देते हैं, वही भविष्य में Sustainable Construction के लिए काम आ सकता है। वैज्ञानिकों ने अंडे के छिलकों को सुखाकर बारीक पाउडर बनाया और इसे कंक्रीट में सीमेंट के एक हिस्से की जगह इस्तेमाल किया। प्रयोग में करीब 10% Eggshell Powder वाले मिश्रण ने सामान्य मिश्रण की तुलना में बेहतर compressive strength दिखाई।
अंडे के छिलके से कैसे बना मजबूत कंक्रीट ?
रिसर्च में अंडे के छिलकों को पहले सुखाया गया और फिर उन्हें बारीक पाउडर में बदला गया। इसके बाद अलग-अलग मिश्रणों में सीमेंट की कुछ मात्रा को इस पाउडर से replace करके उनकी मजबूती की जांच की गई। एक अध्ययन में 0%, 2.5%, 5%, 7.5%, 10% और 12.5% eggshell powder वाले mortar samples की तुलना की गई। 10% replacement पर सबसे बेहतर परिणाम मिले। 28 दिन बाद 10% वाले मिश्रण की compressive strength 54.7 N/mm² दर्ज की गई, जबकि control sample की strength 52.4 N/mm² थी। यानी सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर अंडे के छिलके का पाउडर cement-based material की strength को बनाए रखने या कुछ परिस्थितियों में बढ़ाने में मदद कर सकता है।
आखिर अंडे का छिलका इतना खास क्यों ?
अंडे का छिलका मुख्य रूप से Calcium Carbonate (CaCO₃) से बना होता है। यह वही प्रमुख खनिज है जो cement production में इस्तेमाल होने वाले limestone में भी पाया जाता है। इसी वजह से researchers ने eggshell powder को cementitious materials में partial replacement के तौर पर इस्तेमाल करने की संभावना पर काम किया है। इससे एक तरफ poultry और food industry के eggshell waste का उपयोग हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ cement की जरूरत कुछ हद तक कम की जा सकती है।
लेकिन ज्यादा अंडे का पाउडर डालना सही नहीं
इस प्रयोग का सबसे अहम हिस्सा यह है कि ज्यादा eggshell powder हमेशा ज्यादा मजबूती नहीं देता। 10% के बाद strength में गिरावट देखी गई। संबंधित अध्ययन में 12.5% replacement पर 28 दिन की compressive strength घटकर 45.3 N/mm² रह गई। शोधकर्ताओं ने इसके पीछे बढ़ी हुई porosity और matrix bonding कमजोर होने जैसी वजहों को बताया। यानी eggshell powder का फायदा इसकी सही मात्रा पर निर्भर करता है।
क्या इससे सीमेंट का इस्तेमाल पूरी तरह खत्म हो जाएगा ?
ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा। मौजूदा research में eggshell powder को सीमेंट के partial replacement के तौर पर देखा गया है, न कि पूरी तरह cement की जगह इस्तेमाल करने के विकल्प के रूप में। 2026 में प्रकाशित एक review में भी अलग-अलग अध्ययनों के आधार पर लगभग 7.5–10% replacement को बेहतर प्रदर्शन वाला स्तर बताया गया है, जबकि बहुत ज्यादा मात्रा पर strength और workability में गिरावट की संभावना बताई गई है। इसलिए यह तकनीक फिलहाल traditional cement का सीधा विकल्प नहीं, बल्कि waste recycling और low-carbon construction की दिशा में एक संभावित रास्ता है।
पर्यावरण के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ?
Cement production में बड़ी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होती है और इससे CO₂ emissions भी होते हैं। ऐसे में यदि cement के एक हिस्से को waste-derived material से replace किया जा सके, तो raw material consumption और waste disposal दोनों पर असर पड़ सकता है।हालांकि वास्तविक निर्माण में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर करने से पहले durability, safety, standardization, long-term performance और building-code compliance जैसी चीजों की विस्तृत जांच जरूरी होगी। फिलहाल research यह जरूर दिखाती है कि रसोई से निकलने वाला अंडे का छिलका सिर्फ कचरा नहीं है-सही processing और सही मात्रा में इस्तेमाल होने पर यह भविष्य के eco-friendly construction materials का हिस्सा बन सकता है।




