वॉशिंगटन, 10 सितंबर 2026। अमेरिका में Donald Trump Administration के एक डिजिटल इमिग्रेशन विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी Department of Homeland Security (DHS) की ओर से जारी किए गए एक AI-आधारित पोस्टर में 'Mr Singh' का इस्तेमाल किए जाने पर भारतीय और सिख समुदायों से जुड़े संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह विज्ञापन हॉलीवुड फिल्म Transformers की शैली में तैयार किया गया है। इसमें एक रोबोट को भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति के सामने दिखाया गया है और उसे 'Mr Singh' कहकर संबोधित किया गया है। पोस्टर में कथित तौर पर इमिग्रेशन और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया गया है।

'हमारी सड़कों से हटिए मिस्टर सिंह' पर विवाद

DHS के आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किए गए डिजिटल विज्ञापन में Transformers के मशहूर किरदार Optimus Prime की तर्ज पर एक रोबोट दिखाई देता है। उसके साथ DHS का आर्म पैच भी दिखाया गया है। विज्ञापन में 'Mr Singh' से कहा जाता है कि वह अमेरिकी सड़कों से हट जाएं और उन्हें ड्राइविंग नहीं आने की बात कही जाती है। इसी संदर्भ में भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाए जाने का आरोप लग रहा है।

'Self-deport or find out' अभियान का हिस्सा

यह विज्ञापन ट्रंप प्रशासन के अवैध प्रवासियों को अमेरिका छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने वाले अभियान से जुड़ा बताया गया है। DHS ने अपने इमिग्रेशन अभियान में 'Self-deport or find out' जैसे सख्त संदेश का इस्तेमाल किया है। अमेरिकी प्रशासन अवैध इमिग्रेशन के साथ-साथ ऐसे प्रवासियों पर भी कार्रवाई की बात कर रहा है, जिन पर सड़क दुर्घटनाओं या अन्य अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

ट्रक ड्राइवरों के नाम लेकर भी बनाया गया वीडियो

DHS ने इसी अभियान के तहत एक वीडियो क्लिप भी साझा किया, जिसमें Transformers के किरदार Megatron को कुछ ट्रक ड्राइवरों की रिहाई की मांग करते हुए दिखाया गया। वीडियो में हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकजान बेशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह जैसे नामों का उल्लेख किया गया। DHS के मुताबिक इन लोगों से जुड़े मामलों में सड़क दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों का संदर्भ है। अमेरिकी एजेंसी ने अपने संदेश में कहा कि जो लोग देश के खिलाफ गलत इरादे से अमेरिका आते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अमेरिकी मूल्यों व देश की सुरक्षा की रक्षा की जाएगी।

'Singh' सरनेम के इस्तेमाल पर क्यों उठे सवाल ?

विवाद का सबसे बड़ा कारण विज्ञापन में 'Singh' सरनेम का इस्तेमाल है। सिंह नाम भारत के हिंदू और सिख समुदायों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। अमेरिका में भी बड़ी संख्या में भारतीय और सिख मूल के लोग इस सरनेम का इस्तेमाल करते हैं। आलोचकों का कहना है कि किसी इमिग्रेशन या ट्रक ड्राइविंग अभियान में विशेष रूप से 'Mr Singh' का इस्तेमाल भारतीय मूल के लोगों की पहचान को निशाना बनाने जैसा प्रतीत होता है।

हिंदू और सिख संगठनों ने जताई नाराजगी

Hindu American Foundation (HAF) और Sikh Coalition ने इस विज्ञापन पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। HAF ने इसे भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ कथित प्रोफाइलिंग बताते हुए सवाल उठाया कि किसी संघीय एजेंसी के विज्ञापन में 'Singh' नाम को इस तरह इस्तेमाल करना उचित कैसे हो सकता है। वहीं Sikh Coalition ने भी कहा कि अमेरिका में लाखों सिख लोग सिंह सरनेम का इस्तेमाल करते हैं और इस तरह का सरकारी संदेश समुदाय के लिए गलत संकेत देता है।

विवाद के बीच बढ़ी बहस

इस पोस्टर ने अमेरिका में Immigration Policy, Racial Profiling और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर ट्रंप प्रशासन अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त नीति को लेकर अपने संदेश को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आलोचक सरकारी विज्ञापनों में नस्लीय या सांस्कृतिक पहचान के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहे हैं। अब इस पूरे विवाद में DHS की ओर से आगे कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई सामने आती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।