वॉशिंगटन, 15 सितंबर 2026 : अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आबादी लगातार बढ़ रही है। पिछले करीब दो दशकों में अमेरिका के 50 से ज्यादा इलाकों में भारतीय समुदाय की बड़ी बस्तियां विकसित हो चुकी हैं। इन इलाकों को अब 'मिनी इंडिया' के नाम से पहचाना जाने लगा है। अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में ऐसे इलाकों की संख्या बढ़कर करीब 75 हो सकती है। खास बात यह है कि अमेरिकी प्रशासन की वीजा और ग्रीन कार्ड नीतियों में सख्ती के बावजूद भारतीयों का अमेरिका जाकर बसने का सिलसिला लगातार जारी है। टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भारतीय पेशेवरों के लिए आज भी आकर्षण का बड़ा कारण बने हुए हैं।

कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा भारतवंशी

अमेरिका में भारतीय मूल की सबसे बड़ी आबादी कैलिफोर्निया में रहती है। यहां करीब 9.3 लाख भारतवंशी रहते हैं। इसके बाद फिर टेक्सास का नंबर आता है, जहां करीब 5.4 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। भारतीय समुदाय की बढ़ती आबादी का असर अब अमेरिकी शहरों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी साफ दिखाई देने लगा है।

फ्रिस्को में करीब 19% आबादी भारतीय मूल की

टेक्सास का फ्रिस्को शहर इसका बड़ा उदाहरण है। करीब 25 साल पहले तक यह इलाका मुख्य रूप से खेती के लिए जाना जाता था, मगर अब यहां की आबादी 2.5 लाख से ज्यादा हो चुकी है और इनमें लगभग 19% लोग भारतीय मूल के हैं। फ्रिस्को के आसपास प्लेनो और एलन जैसे शहरों में भी भारतीय मंदिर, रेस्तरां और दुकानों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। इससे इन इलाकों में भारतीय संस्कृति और कारोबार की मजबूत मौजूदगी नजर आती है।

डबलिन के स्कूलों में 41% छात्र भारतीय मूल के

कैलिफोर्निया के डबलिन और सैन रेमन इलाके में भारतीय आबादी करीब 18% बताई गई है। डबलिन के स्कूलों में भारतीय मूल के छात्रों की हिस्सेदारी करीब 41% है। इन इलाकों में भारतीय संस्कृति का प्रभाव भी बढ़ रहा है। नई पीढ़ी दिवाली जैसे त्योहार मनाने के साथ वीकेंड पर क्रिकेट भी खेलती है। भारतीय भोजन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ जगहों पर इंडियन फूड के ड्राइव-थ्रू आउटलेट भी खुल चुके हैं।

भारतीय परिवारों की आय अमेरिकी परिवारों से ज्यादा

'मिनी इंडिया' वाले इलाकों में रहने वाले भारतीय परिवारों की औसत सालाना आय करीब 1.54 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके मुकाबले अमेरिकी परिवारों की औसत आय करीब 80 लाख रुपये है। अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे और प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर यह अंतर आने वाले वर्षों में और बढ़ने का अनुमान जताया गया है।

सिलिकॉन वैली में बढ़ता भारतीय प्रभाव

भारतीय समुदाय का प्रभाव खास तौर पर अमेरिका के टेक्नोलॉजी हब सिलिकॉन वैली में दिखाई देता है। एक्सपर्ट विलियम फ्रे के मुताबिक, इस क्षेत्र में भारतीयों की भूमिका आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है। उनके अनुसार, सिलिकॉन वैली में भारतीय समुदाय की मजबूत मौजूदगी करीब 25 साल पहले से बढ़नी शुरू हुई थी और अब इसकी रफ्तार तेज हो रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिलिकॉन वैली के करीब 35% स्टार्टअप्स में कम से कम एक भारतीय मूल का को-फाउंडर है। टेक सेक्टर में भारतीय पेशेवरों की मजबूत स्थिति के चलते अमेरिका के दूसरे राज्यों में भी नए 'मिनी इंडिया' विकसित होने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रंप प्रशासन में भारतीयों के लिए वीजा नियम हुए सख्त

एक तरफ अमेरिका में भारतीय समुदाय का विस्तार जारी है, वहीं ट्रंप प्रशासन के दौरान वीजा और इमिग्रेशन से जुड़े नियमों में कई सख्तियां भी देखने को मिली हैं।

H-1B वीजा पर बढ़ी फीस

ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा की फीस में बड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत प्रत्येक वीजा पर 1,03,265 डॉलर, यानी करीब 98 लाख रुपये की अतिरिक्त फीस का प्रावधान बताया गया है। पहले यह फीस करीब 2,000 से 5,000 डॉलर के बीच थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह नियम साल के अंत तक लागू हो सकता है।

H-1B और H-4 आवेदकों की सोशल मीडिया जांच

दिसंबर 2025 से H-1B वीजा आवेदकों और उनके H-4 डिपेंडेंट्स की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच बढ़ाई गई है। आवेदकों से अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक रखने को कहा गया।

वीजा इंटरव्यू के नियम भी सख्त

अक्टूबर 2025 से ज्यादातर नॉन-इमिग्रेंट वीजा आवेदकों के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया को भी सख्त किया गया। 14 साल से कम और 79 साल से अधिक उम्र के आवेदकों को मिलने वाली कुछ इंटरव्यू छूट भी हटाई गई, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट जारी है।

फिर भी क्यों बढ़ रहा अमेरिका में 'मिनी इंडिया'?

वीजा नियमों में सख्ती के बावजूद भारतीय समुदाय का अमेरिका में विस्तार कई वजहों से जारी है। टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में रोजगार, बेहतर आय और लंबे समय से स्थापित भारतीय समुदाय नए प्रवासियों के लिए बड़ा आकर्षण बने हुए हैं। इसी वजह से अमेरिका के कई शहरों और उपनगरों में भारतीय मंदिरों, रेस्तरां, दुकानों, सांस्कृतिक आयोजनों और क्रिकेट जैसी गतिविधियों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में ऐसे और इलाकों के विकसित होने का अनुमान है।