इस्लामाबाद/लाहौर, 21 सितंबर 2026 : पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत को लेकर सरकार ने एक बड़ी चेतावनी दे दी है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि अगर देश में ईंधन की कमी पैदा होती है तो पेट्रोल की कीमत 1,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। हालांकि यह मौजूदा कीमत नहीं बल्कि संभावित ईंधन संकट की स्थिति में दी गई चेतावनी है। पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक, वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर काफी दबाव बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में अब तक करीब 50% की बढ़ोतरी हो चुकी है और आगे भी इसकी संभावना है।
अभी कितनी है पेट्रोल-डीजल की कीमत ?
19 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक लागू दर के अनुसार पाकिस्तान में पेट्रोल 389.14 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 424.04 रुपये प्रति लीटर है। सरकार ने इस अवधि के लिए पेट्रोल की कीमत में 1.65 रुपये और डीजल में 0.88 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। मंत्री का 1,000 रुपये प्रति लीटर वाला बयान इस मौजूदा रेट से काफी अधिक है और इसे ईंधन की गंभीर कमी होने की स्थिति में संभावित कीमत के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार दे रही है बाइक और छोटे वाहनों को सब्सिडी
बढ़ती ईंधन कीमतों के असर को कम करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने छोटे वाहनों और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए फ्यूल सब्सिडी योजना शुरू की है। इस योजना में मोटरसाइकिल, रिक्शा, चिंगची और 800 सीसी तक की कारों को शामिल किया गया है। पात्र लाभार्थियों को पेट्रोल पर 100 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक की राहत देने का प्रावधान है। सरकार ने बाद में 1 जनवरी 2006 से रजिस्टर्ड मोटरसाइकिलों को भी योजना में शामिल किया। सरकार का मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का असर सीधे छोटे वाहन मालिकों और आम लोगों पर कम करना है।
पाकिस्तान में तेल संकट की वजह क्या है ?
पाकिस्तान की ईंधन कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और क्षेत्रीय संघर्ष का सीधा असर पड़ रहा है। मध्य-पूर्व में संघर्ष बढ़ने के साथ तेल और गैस की आपूर्ति तथा समुद्री परिवहन पर दबाव बढ़ा है। Reuters के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के बीच पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई austerity measures भी लागू किए हैं। इनमें सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में कटौती और कुछ सरकारी खर्चों पर रोक शामिल है।
अक्टूबर तक घरेलू तेल मिलने की उम्मीद
पाकिस्तान सरकार घरेलू स्तर पर तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए नए तेल और गैस भंडारों की खोज पर भी काम कर रही है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि तेल के कुओं पर काम जारी है और अक्टूबर तक घरेलू कच्चे तेल की खोज की उम्मीद है। अगर नए कुओं से व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू होता है, तो पाकिस्तान को आयातित तेल पर अपनी निर्भरता कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक असर उत्पादन शुरू होने और उसकी मात्रा पर निर्भर करेगा।
बांग्लादेश में भी पेट्रोल-डीजल महंगा
दक्षिण एशिया में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों का असर बांग्लादेश पर भी पड़ा है। बांग्लादेश ने 21 सितंबर 2026 से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 20 टका प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।
नई दरों के मुताबिक:
- डीजल : 115 से बढ़कर 135 टका प्रति लीटर
- पेट्रोल : 140 से बढ़कर 160 टका प्रति लीटर
- ऑक्टेन : 145 से बढ़कर 165 टका प्रति लीटर
- केरोसिन : 135 से बढ़कर 155 टका प्रति लीटर
न्यूज एजेंसी Reuters के अनुसार, बांग्लादेश में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों और शिपिंग लागत में तेज वृद्धि के बीच की गई है।
तेल संकट का आम लोगों पर क्या असर ?
पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चलाने की लागत तक सीमित नहीं रहता। इससे ट्रांसपोर्ट, माल ढुलाई, कृषि, उद्योग और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। पाकिस्तान में सरकार फिलहाल सब्सिडी और ईंधन बचत जैसे उपायों के जरिए असर कम करने की कोशिश कर रही है। लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में और तेजी आती है या घरेलू ईंधन की उपलब्धता में कमी होती है, तो कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।




