लखनऊ, 15 सितंबर। राजधानी लखनऊ के विकास भवन में मंगलवार को बिजली गुल होने से कई कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो गया। विकास भवन के तीसरे तल पर करीब 20 मिनट तक बिजली नहीं रहने के कारण कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो गए। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालय पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कंप्यूटर बंद होने से पेंशन का काम रुका
बिजली आपूर्ति बाधित होने का सबसे ज्यादा असर प्रोबेशन विभाग के कार्यालय में देखने को मिला। यहां पेंशन से जुड़ी जानकारी लेने पहुंची निराश्रित महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा। कंप्यूटर बंद होने के कारण कर्मचारी उनकी पेंशन संबंधी जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं करा सके। इससे महिलाएं निराश होकर कार्यालय के बाहर बैठी या खड़ी नजर आईं।
गर्मी से कर्मचारी और आम लोग बेहाल
बिजली गुल होने के साथ ही कार्यालय के कमरों में पंखे और अन्य सुविधाएं भी बंद हो गईं। गर्मी के कारण कर्मचारियों और आगंतुकों को परेशानी हुई। कई कर्मचारी काम छोड़कर कार्यालय के बाहर टहलते दिखाई दिए, जबकि कुछ लोग कागज से हवा करते नजर आए। उमस और गर्मी के बीच कुछ समय तक कार्यालयों में काम का माहौल पूरी तरह प्रभावित रहा।
सरकारी कामकाज पर पड़ा सीधा असर
विकास भवन में अलग-अलग विभागों के कार्यालय होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर कई तरह के काम पर पड़ा। कंप्यूटर आधारित सेवाएं रुकने से फाइल अपडेट, ऑनलाइन जानकारी और अन्य विभागीय कार्य प्रभावित हुए। जिन लोगों का काम तत्काल होना था, उन्हें बिजली आने तक इंतजार करना पड़ा।
बिजली व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद सरकारी कार्यालयों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर ऐसे विभागों में जहां पेंशन और जनकल्याण योजनाओं से जुड़े काम ऑनलाइन सिस्टम के जरिए होते हैं, बिजली बाधित होने से लोगों को सीधे परेशानी होती है।
बिजली लौटने का इंतजार
करीब 20 मिनट की बिजली कटौती के दौरान कार्यालयों में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों और आम लोगों को बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ा। विकास भवन जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में निर्बाध बिजली व्यवस्था बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है, ताकि जनसेवा से जुड़े काम बिना रुकावट जारी रह सकें।




