प्रयागराज, 15 सितंबर। प्रयागराज में घरों पर सोलर सिस्टम लगाने वाली सरकारी योजना को स्मार्ट मीटरों की कमी ने प्रभावित कर दिया है। शहर में कई घरों में डेढ़ महीने पहले सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, लेकिन नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर उपलब्ध नहीं होने के कारण एक हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। इससे उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलने में देरी हो रही है।

सोलर सिस्टम लगने के बाद भी अटकी नेट मीटरिंग

योजना के तहत कई उपभोक्ताओं ने अपने घरों पर सोलर सिस्टम लगवा लिया है और जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर दी हैं। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर नहीं मिलने से नेट मीटरिंग शुरू नहीं हो सकी है। नेट मीटरिंग पूरी होने के बाद ही उपभोक्ता सौर ऊर्जा से बनी अतिरिक्त बिजली को ग्रिड से जोड़ने और योजना के निर्धारित लाभ का फायदा उठा सकते हैं।

दो किलोवाट प्लांट पर सब्सिडी का प्रावधान

घरेलू सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 2 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने पर लगभग 1.30 लाख रुपये तक खर्च आता है, जबकि योजना के तहत करीब 90 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। शेष राशि के लिए बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

मीटर की कमी से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी

स्मार्ट मीटर की उपलब्धता नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि सोलर सिस्टम लगाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने से उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है।

विभाग ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

विद्युत विभाग और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की समस्या को भी देरी की एक वजह बताया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही स्मार्ट मीटर का नया स्टॉक उपलब्ध होगा, लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा।

योजना की रफ्तार मीटर पर टिकी

सरकार की सौर ऊर्जा योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है। लेकिन स्मार्ट मीटर की कमी के कारण प्रयागराज में योजना का अगला चरण धीमा पड़ा है। अब उपभोक्ताओं की नजर मीटर की आपूर्ति और लंबित आवेदनों के जल्द निपटारे पर है।