लखनऊ, 30 अगस्त। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मंदिर निर्माण और मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक की मांग को लेकर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने रविवार को लखनऊ से मथुरा कूच की तैयारी की। हालांकि, कार्यकर्ताओं के रवाना होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए संगठन के कार्यकर्ताओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।

कार्यालय के बाहर सुबह से जुटने लगे कार्यकर्ता

गोमती नगर के विशालखंड स्थित विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। संगठन की ओर से दावा किया गया कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मथुरा जाने की तैयारी में थे।

परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने दावा किया कि संगठन के करीब पांच हजार कार्यकर्ता पहले से मथुरा पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ और अन्य स्थानों से भी कार्यकर्ताओं के मथुरा पहुंचने की योजना थी।

पुलिस ने की बैरिकेडिंग, रोका गया कूच

मथुरा कूच की सूचना को देखते हुए पुलिस ने संगठन के कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। मौके पर बैरिकेडिंग की गई और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताते हुए कार्यकर्ताओं को मथुरा जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई।

सड़क पर बैठकर कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

पुलिस की कार्रवाई और बैरिकेडिंग के विरोध में गोपाल राय अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मथुरा जाने की अनुमति देने की मांग उठाई।

बाद में पुलिस अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से ज्ञापन लिया और कार्यकर्ताओं को समझाकर वापस भेज दिया।

आंदोलन जारी रखने का दावा

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने कहा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मंदिर निर्माण और मथुरा में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक की मांग को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

फिलहाल पुलिस की सतर्कता के कारण लखनऊ से मथुरा कूच नहीं हो सका। संगठन के कार्यकर्ताओं को ज्ञापन सौंपने के बाद वापस लौटना पड़ा। संगठन के आरोपों और दावों पर प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।