बुलंदशहर, 2 सितंबर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र समेत पूरे बुलंदशहर में शोक की लहर दौड़ गई।
लंबे समय से कैंसर से थे पीड़ित
जानकारी के अनुसार, अनिल शर्मा लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते उनका दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन से समर्थकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों में शोक का माहौल है।
ग्राम प्रधान से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
अनिल शर्मा बुलंदशहर जिले के शिकारपुर क्षेत्र के गांव सुरजावली के रहने वाले थे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत गांव स्तर से की थी। कम उम्र में ही वह सुरजावली गांव के निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और विधानसभा चुनाव के जरिए अपनी पहचान बनाई।
2002 में पहली बार बने विधायक
अनिल शर्मा ने वर्ष 2002 में खुर्जा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। वर्ष 2007 में उन्होंने इसी सीट से बसपा के टिकट पर दोबारा जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में उन्होंने शिकारपुर सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
2017 में भाजपा के टिकट पर दर्ज की जीत
भाजपा में शामिल होने के बाद अनिल शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2022 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से फिर जीत दर्ज की।
चार बार विधानसभा पहुंचे अनिल शर्मा
अनिल शर्मा अपने राजनीतिक जीवन में कुल चार बार विधायक रहे। उनके निधन के बाद भाजपा नेताओं और क्षेत्रीय लोगों ने शोक व्यक्त किया है। स्थानीय स्तर पर उनके कार्यकाल और राजनीतिक योगदान को याद किया जा रहा है। उनके निधन से शिकारपुर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।




