कानपुर, 7 सितंबर। रूस की राजधानी मॉस्को से उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी इंजीनियर चंदन गुप्ता को हिरासत में लिए जाने का दावा सामने आया है। उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। पत्नी के अनुसार, चंदन रूस में कार्य वीजा पर काम कर रहे थे और उनके खिलाफ किसी स्पष्ट अपराध की जानकारी परिवार को नहीं दी गई है।

मॉस्को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा

स्नेहा गुप्ता के मुताबिक, उनके पति को मॉस्को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में जेल भेजे जाने की जानकारी मिली। उन्होंने दावा किया कि चंदन ने कोई अपराध नहीं किया है। परिवार इस बात को लेकर चिंतित है कि उन्हें किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

हालांकि, इस मामले में रूसी अधिकारियों या भारतीय दूतावास की ओर से आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रूस में नौकरी करने गए थे चंदन

परिवार के अनुसार, चंदन गुप्ता नोएडा सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी से जुड़े हैं और काम के सिलसिले में रूस गए थे। बताया गया है कि वह कार्य वीजा पर वहां रहकर नौकरी कर रहे थे। पत्नी का कहना है कि चंदन के रूस जाने का उद्देश्य रोजगार था और परिवार को किसी आपराधिक गतिविधि की जानकारी नहीं है।

सेना में शामिल होने के दबाव का आरोप

स्नेहा गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

यह आरोप फिलहाल परिवार के बयान पर आधारित है। इसकी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

PM मोदी और CM योगी से मदद की अपील

स्नेहा ने सोशल मीडिया वीडियो के जरिए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से चंदन की स्थिति की जानकारी दिलाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने में मदद की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें जल्द से जल्द कानूनी और कांसुलर सहायता की जरूरत है।

परिवार को सुरक्षित वापसी की उम्मीद

चंदन गुप्ता के परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है। परिजनों को उम्मीद है कि भारतीय अधिकारी रूसी प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराएंगे। फिलहाल परिवार की नजर भारत सरकार और भारतीय मिशन की ओर से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर है।