लखनऊ, 12 सितंबर। रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र में एक लेखपाल पर गरीब परिवार से कथित रिश्वत मांगने और पैसे देने में असमर्थता जताने पर बेटी को भेजने की मांग करने के आरोप ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 11 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने संबंधित अधिकारी के तत्काल निलंबन और बर्खास्तगी की मांग उठाई।

अखिलेश ने मांगी तत्काल कार्रवाई

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि ऐसे आरोपों के मामले में तत्काल निलंबन और बर्खास्तगी होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से ऐसी कार्रवाई की मांग की जिससे भविष्य में किसी अधिकारी को इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत न हो। उन्होंने महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए।

‘नारी वंदन’ को लेकर सरकार पर हमला

सपा प्रमुख ने इस मामले को महिला सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा के ‘नारी वंदन’ अभियान और सरकार के दावों पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाया कि जब महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है, तो इस तरह के आरोप सामने आने पर सरकार की कार्रवाई क्या होगी।

क्या है रायबरेली का मामला?

शिकायत के अनुसार, लालगंज तहसील क्षेत्र में एक गरीब परिवार का मकान बारिश के दौरान गिर गया था। परिवार की ओर से सरकारी सहायता के लिए रिपोर्ट लगाए जाने की प्रक्रिया में कथित तौर पर लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया। परिवार की महिला ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो लेखपाल पर उसकी बेटी को अपने पास भेजने की कथित मांग करने का आरोप लगाया गया।

शिकायत सामने आने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और जांच शुरू की गई।

प्रशासनिक जांच में अलग निष्कर्ष

मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जांच कराई गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एसडीएम स्तर की जांच में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया गया। इससे मामले की तस्वीर जटिल हो गई है, क्योंकि शिकायतकर्ता के आरोप और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष एक-दूसरे से अलग हैं।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी

इस मामले में लेखपाल पर लगाए गए गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में आरोपी पक्ष का बयान और विस्तृत आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल पुलिस-प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

रायबरेली मामले पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। सपा ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है, जबकि प्रशासनिक जांच में आरोपों को सही नहीं पाया गया बताया गया है। ऐसे में आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।