देवरिया, 29 अगस्त 2026 : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव के कथित व्यवहार, सपा की कार्यशैली और पिछली सरकार के कामकाज को लेकर कई आरोप लगाए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सलेमपुर और भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों के लिए करीब 305 करोड़ रुपये की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर निशाना साधा।

'सच्चाई बताने पर पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों के सवालों को लेकर अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और जब कोई सरकार या प्रशासन गलत करता है तो मीडिया उस पर सवाल उठाता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा करते हुए कहा, "मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने एक बार पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि जब मीडिया ने सपा मुखिया से जुड़े सवाल उठाए तो उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौच और हाथापाई की स्थिति बनी।

सपा को बताया 'प्राइवेट लिमिटेड कंपनी'

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सपा को 'प्राइवेट लिमिटेड कंपनी' बताते हुए परिवारवाद का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा में एक ही परिवार के कई सदस्यों की राजनीतिक भूमिका है। उन्होंने अखिलेश यादव के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें परिवार के पांच सांसद होने की बात कही गई थी।

JPNIC को लेकर अखिलेश पर निशाना

लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को घेरा। योगी ने दावा किया कि परियोजना की शुरुआती लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार के दौरान इस पर लगभग 864 करोड़ रुपये खर्च किए गए और इसके बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह जनता का पैसा था और इसका इस्तेमाल विकास कार्यों के बजाय दूसरे कामों में किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद इस मामले की जांच कराई गई और सरकारी धन को वापस सरकारी खजाने में लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

अखिलेश, डिंपल और धर्मेंद्र यादव पर भी आरोप

सीएम योगी ने अखिलेश यादव, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव का नाम लेते हुए भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार में सरकारी खजाने से जुड़ी योजनाओं को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित करने की कोशिश की गई। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि जिस धन से युवाओं के लिए रोजगार, फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर और विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाएं विकसित की जा सकती थीं, उसका इस्तेमाल निजी हितों के लिए करने की कोशिश हुई।

कानून-व्यवस्था को लेकर भी सपा पर हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता रहती थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को 'लूटखसोट का पर्याय' बताते हुए उसके शासनकाल की नीतियों पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री योगी के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। आगामी चुनाव से पहले भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार बढ़ रहा है।