बस्ती, 6 सितंबर। बस्ती के वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्यप्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से जुड़ी गंभीर बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, सूर्यप्रकाश सिंह के प्रियंका चौधरी से संबंध थे और इसी दौरान कथित तौर पर उनका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की साजिश रची गई। पुलिस अब इस पूरे मामले में कथित गैंग के अन्य सदस्यों, संभावित पीड़ितों और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है।

एक करोड़ रुपये वसूलने की योजना का आरोप

DIG संजीव त्यागी के मुताबिक, पुलिस जांच में आरोप सामने आया है कि थानेदार को ब्लैकमेल कर करीब एक करोड़ रुपये वसूलने की योजना बनाई गई थी। पुलिस के अनुसार, कथित गिरोह में प्रियंका चौधरी के पिता और एक अधिवक्ता की भूमिका की भी जांच हो रही है। आरोप है कि अधिवक्ता कानूनी मामलों में मदद करने के साथ कथित तौर पर सौदेबाजी में भी भूमिका निभाता था।

ऑडियो और वीडियो से मानसिक दबाव बनाने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, सूर्यप्रकाश सिंह पर लगातार पैसों को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि प्रियंका चौधरी के कथित आत्महत्या के प्रयास से जुड़े वीडियो और कुछ ऑडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें थानेदार पर मानसिक दबाव बनाने के लिए भेजे जाने का आरोप है।

हालांकि, जांच में अब तक कोई कथित अश्लील वीडियो बरामद नहीं होने की बात पुलिस की ओर से कही गई है।

दूसरे मामलों में भी नेटवर्क की भूमिका की जांच

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कथित गैंग से जुड़े कुछ अन्य मामलों की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक कारोबारी को कथित हनीट्रैप में फंसाकर करीब एक करोड़ रुपये वसूलने का प्रयास किया गया था।

इसके अलावा जिस मकान में आरोपी परिवार किराये पर रह रहा था, उसके मकान मालिक और एक ड्राइवर को भी कथित तौर पर इसी तरह निशाना बनाए जाने की जांच चल रही है।

संपत्ति और बैंक लेनदेन की होगी पड़ताल

अब पुलिस इस कथित नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी संपत्ति के अपराध से अर्जित धन से बनाए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत उसे जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

जांच में और खुलासे की संभावना

फिलहाल पुलिस कथित हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। संभावित पीड़ितों, आरोपियों के संपर्कों और पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े और मामले सामने आ सकते हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।