नई दिल्ली, 25 सितंबर। ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए UPI पेमेंट से जुड़ा एक नया बदलाव सामने आया है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) से जुड़ा नियम लागू होने की बात कही जा रही है। रेलवे टिकट बुकिंग को विशेष कैटेगरी में रखा गया है, जिसके तहत ₹2,000 से अधिक के टिकट पर ₹5 का फ्लैट MDR बताया गया है।
₹2,000 से ज्यादा के टिकट पर क्या बदलेगा?
बताई गई व्यवस्था के मुताबिक, रेलवे टिकट के लिए ₹2,000 तक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा। वहीं ₹2,000 से अधिक के टिकट पेमेंट पर रेलवे जैसे विशेष क्षेत्र के लिए ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा।
इसका मतलब यह है कि टिकट की कीमत ₹3,000 हो या ₹10,000, इस कैटेगरी में MDR की राशि ₹5 ही होगी। सामान्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए अलग दर लागू हो सकती है।
क्या यात्रियों से ₹5 अतिरिक्त लिए जाएंगे?
इस बदलाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यात्रियों को टिकट के साथ अतिरिक्त ₹5 देने होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार MDR मर्चेंट यानी रेलवे/IRCTC की ओर से वहन किया जाना है। ऐसे में यात्रियों से इस शुल्क को अलग से वसूलने का प्रावधान नहीं बताया गया है।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी यात्री का ट्रेन टिकट ₹3,000 का है, तो UPI से भुगतान करते समय उसे ₹3,005 नहीं बल्कि ₹3,000 ही देना होगा।
सामान्य UPI ट्रांजैक्शन से अलग है नियम
UPI के सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) भुगतान पर यह MDR लागू नहीं होता। वहीं छोटे मर्चेंट पेमेंट के लिए भी अलग नियम हैं। ₹2,000 से अधिक के सामान्य मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत की दर बताई गई है, जबकि रेलवे जैसी विशेष कैटेगरी के लिए फ्लैट ₹5 का प्रावधान बताया जा रहा है।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर लागू व्यवस्था में यात्री से अतिरिक्त MDR नहीं लिया जाता है, तो टिकट की कीमत पर सीधे कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि, टिकट बुक करते समय भुगतान स्क्रीन पर दिखने वाले शुल्क और IRCTC के आधिकारिक नियमों को जरूर जांचना चाहिए।




