नई दिल्ली, 20 सितंबर। LPG सब्सिडी और e-KYC को लेकर इन दिनों एक अक्टूबर 2026 की समय सीमा से जुड़ी जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इस समय यह जरूरी है कि उपभोक्ता किसी वायरल मैसेज के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने के बजाय अपनी LPG कंपनी के आधिकारिक चैनल या गैस एजेंसी से नियम की पुष्टि करें। UIDAI के अनुसार आधार ऑथेंटिकेशन में OTP, फिंगरप्रिंट, आइरिस या फेस ऑथेंटिकेशन जैसे माध्यम इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
LPG ग्राहकों को क्यों सावधान रहना चाहिए?
e-KYC और आधार ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल अलग-अलग सरकारी और निजी सेवाओं में लाभार्थियों या ग्राहकों की पहचान सत्यापित करने के लिए किया जाता है। UIDAI के मुताबिक, Face Authentication सहमति आधारित प्रक्रिया है और चेहरे की लाइव तस्वीर का आधार रिकॉर्ड में मौजूद चेहरे से 1:1 मिलान किया जाता है।
घर बैठे कैसे हो सकता है Face Authentication?
जहां संबंधित सेवा प्रदाता यह सुविधा उपलब्ध कराता है, वहां स्मार्टफोन के जरिए Face Authentication किया जा सकता है। UIDAI के अनुसार इसके लिए संबंधित संस्था का ऐप और Aadhaar Face RD ऐप इस्तेमाल किया जा सकता है। फोन से सत्यापन करते समय चेहरे को कैमरे के सामने सही तरीके से रखना और पर्याप्त रोशनी में प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
Face Authentication में क्या सावधानी रखें?
UIDAI के मुताबिक सफल फेस कैप्चर के लिए चेहरा कैमरे के सामने साफ दिखाई देना चाहिए और रोशनी पर्याप्त होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर ऐप द्वारा पलक झपकाने या अन्य निर्देशों का पालन करना होता है।
गैस एजेंसी से भी करा सकते हैं पुष्टि
अगर आपके LPG कनेक्शन की e-KYC या सब्सिडी को लेकर कोई संदेश आया है, तो पहले अपनी संबंधित गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर से इसकी पुष्टि करें। OTP, आधार नंबर या बैंकिंग जानकारी किसी अनजान लिंक या व्यक्ति के साथ साझा न करें।
नोट: 1 अक्टूबर 2026 की LPG सब्सिडी संबंधी कथित अंतिम तारीख और उसके बाद सब्सिडी रुकने के दावे की आधिकारिक पुष्टि किए बिना इसे निश्चित नियम न मानें।




