बेंगलुरु, 30 अगस्त। बिहार के समस्तीपुर के 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने के बाद वैभव को टीम की कप्तानी सौंपी गई। यह पहली बार है जब उन्होंने किसी सीनियर पुरुष टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली है।
विकेटकीपिंग के दौरान चोटिल हुए ईशान किशन
ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच दलीप ट्रॉफी का सेमीफाइनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेंगलुरु में खेला जा रहा है। मुकाबले के दौरान सेंट्रल जोन की पारी के 19वें ओवर में विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन की दाहिनी कलाई पर गेंद लगी।
चोट लगने के बाद टीम के फिजियो ने मैदान पर ही उनका प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद ईशान को आगे की जांच के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। बाद में वह हाथ पर स्ट्रैपिंग लगाए नजर आए।
कुमार कुशाग्र ने संभाली विकेटकीपिंग
ईशान किशन के मैदान से बाहर जाने के बाद झारखंड के उनके साथी कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। वहीं, कप्तानी का जिम्मा वैभव सूर्यवंशी को सौंप दिया गया।
इस तरह महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव ने पहली बार किसी सीनियर पुरुष टीम की कप्तानी करने का गौरव हासिल किया।
पहले ही बनाया गया था उपकप्तान
दलीप ट्रॉफी के लिए वैभव को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने के बाद से ही उनकी चर्चा हो रही थी। इतनी कम उम्र में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल भी उठे थे।
हालांकि, चयनकर्ताओं ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि वैभव को केवल मौजूदा जरूरत के आधार पर नहीं, बल्कि उनके भविष्य को ध्यान में रखकर जिम्मेदारी दी गई है।
कम उम्र में लगातार बड़ी उपलब्धियां
समस्तीपुर से निकलकर क्रिकेट में तेजी से पहचान बना रहे वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। अब सीनियर टीम की कप्तानी मिलना उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। ईशान किशन की चोट के बीच मिली यह जिम्मेदारी वैभव के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने का बड़ा मौका है।




