भोपाल, 15 सितंबर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डेंगू के मामलों में सितंबर की शुरुआत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला मलेरिया कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के पहले 11 दिनों में 220 लोगों की जांच में 7 डेंगू केस पॉजिटिव मिले। यह संख्या सितंबर 2025 में पूरे महीने दर्ज हुए 4 मामलों से ज्यादा है।
डेंगू के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मितली, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते शामिल हो सकते हैं। लक्षण आमतौर पर संक्रमण के कुछ दिनों बाद शुरू होते हैं और 2 से 7 दिन तक रह सकते हैं।
बुखार उतरते ही खतरा क्यों बढ़ सकता है?
डेंगू में बुखार कम होना हमेशा पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं होता। WHO और CDC के अनुसार, बीमारी के लगभग 3 से 7वें दिन बुखार उतरने के आसपास क्रिटिकल फेज शुरू हो सकता है। यह अवधि आमतौर पर 24 से 48 घंटे की होती है और कुछ मरीजों में इसी दौरान गंभीर डेंगू विकसित हो सकता है।
बुखार के बाद इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
बुखार कम होने के बाद तेज पेट दर्द या पेट में दबाव, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी या मल में खून, तेज सांस, अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी या शरीर ठंडा पड़ना जैसे संकेत गंभीर हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी चाहिए?
बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में लक्षणों पर विशेष नजर रखना जरूरी है। डेंगू की पुष्टि के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्त जांच करा सकते हैं। गंभीर लक्षण होने पर अस्पताल में निगरानी और उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
भोपाल में बढ़े मामलों के बीच सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भोपाल में इस साल अब तक 4,877 डेंगू जांच में 78 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। सितंबर में मामलों की रफ्तार बढ़ने के बाद निगरानी जारी है।
मच्छरों से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें, शरीर को ढककर रखें और जरूरत के अनुसार मच्छररोधी उपाय अपनाएं। सबसे अहम बात यह है कि डेंगू में बुखार उतरने के बाद के 24-48 घंटे को नजरअंदाज न करें।




