नई दिल्ली, 27 अगस्त। घर को हरा-भरा और आकर्षक बनाने के लिए मनी प्लांट काफी लोकप्रिय पौधा है। इसे मिट्टी के साथ-साथ पानी में भी आसानी से उगाया जा सकता है। वास्तु शास्त्र में भी मनी प्लांट को सुख-समृद्धि और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ये बातें वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं और इनका वैज्ञानिक प्रमाण अलग विषय है।

वास्तु विशेषज्ञों की मान्यताओं के अनुसार, मनी प्लांट लगाते समय उसकी बोतल, दिशा और देखभाल से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखा जाता है।

मनी प्लांट के लिए कैसी बोतल चुनें?

पानी में मनी प्लांट लगाने के लिए साफ कांच की बोतल या कंटेनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। वास्तु मान्यताओं में हरे और नीले रंग की बोतल को शुभ माना जाता है। हरे रंग को विकास और हरियाली, जबकि नीले रंग को शांति और स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है।

हालांकि, पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए रंग से ज्यादा जरूरी है कि जड़ों को पर्याप्त जगह मिले और कंटेनर साफ रखा जाए।

प्लास्टिक की बोतल से बचने की सलाह

वास्तु मान्यताओं में प्लास्टिक के बजाय कांच के कंटेनर को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं, पौधे की सेहत के लिहाज से साफ पानी, पर्याप्त जगह और सही रोशनी अधिक महत्वपूर्ण है।

किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार मनी प्लांट को दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण में रखना शुभ माना जाता है। कुछ मान्यताओं में इसे उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां तेज धूप के बजाय पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी मिल सके।

बेल को जमीन पर न फैलने दें

मनी प्लांट की बेल बढ़ने पर उसे किसी स्टैंड, दीवार या अन्य सहारे की मदद से ऊपर की ओर बढ़ाया जा सकता है। वास्तु मान्यता के अनुसार बेल का जमीन पर फैला रहना शुभ नहीं माना जाता। इससे पौधा व्यवस्थित और सुंदर भी दिखाई देता है।

पानी और सफाई का रखें विशेष ध्यान

पानी गंदा या बदबूदार होने पर उसे बदल देना चाहिए। कंटेनर को भी समय-समय पर साफ करें और पीली या सूखी पत्तियों को हटा दें। शुक्रवार को मनी प्लांट को लेकर विशेष धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं।

घर में मनी प्लांट रखते समय वास्तु मान्यताओं के साथ उसकी नियमित देखभाल, साफ पानी और सही रोशनी का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।