एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल शरीर में बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को खत्म करने के लिए किया जाता है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस दौरान शराब का सेवन किया जाए, तो इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, शराब और एंटीबायोटिक एक साथ लेने से दवा का असर कमजोर पड़ सकता है। इसका सीधा असर शरीर की रिकवरी पर पड़ता है और मरीज को ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि इस संयोजन से शरीर पर अतिरिक्त दबाव बनता है। मरीज को मतली, सिर घूमना, कमजोरी और उल्टी जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। कुछ मामलों में लीवर पर भी नकारात्मक प्रभाव देखा जाता है।

डॉक्टर यह भी बताते हैं कि शराब शरीर में दवाओं के प्रोसेसिंग सिस्टम को प्रभावित करती है। इससे दवा सही तरीके से काम नहीं कर पाती और संक्रमण से लड़ने की क्षमता घट जाती है।

नतीजतन, बीमारी लंबी खिंच सकती है और शरीर में अनचाही प्रतिक्रियाओं का खतरा बढ़ सकता है, जो कभी-कभी गंभीर रूप भी ले सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि एंटीबायोटिक दवाओं का पूरा कोर्स खत्म होने तक शराब से पूरी तरह दूरी बनाए रखना सबसे सुरक्षित तरीका है।

डॉक्टरों का साफ संदेश है कि इलाज के दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए सावधानी जरूरी है।