रामगढ़, 11 सितंबर 2026 : रामगढ़ जिला के RTI व सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार ने रामगढ़ नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नगर परिषद में सफाई कर्मी के पद पर नियुक्त मो. मुमताज अंसारी को विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक और व्यवस्थापकीय कार्यों की जिम्मेदारी दिए जाने के मामले में मुख्यमंत्री सचिवालय से जांच और कार्रवाई की मांग की है। रवि कुमार का दावा है कि RTI के माध्यम से प्राप्त अभिलेखों के अनुसार मो. मुमताज अंसारी की नियुक्ति निकाय स्तर पर सफाई कर्मी के पद पर हुई थी। इसके बावजूद उनके अनुसार कार्यपालक पदाधिकारी अजमल हुसैन की ओर से उन्हें नगर परिषद के कई अहम कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सफाई कर्मी को किन कार्यों की जिम्मेदारी देने का आरोप ?
रवि कुमार के मुताबिक, मो. मुमताज अंसारी को इंडोर स्टेडियम, पुस्तकालय, आश्रय गृह, वेंडर मार्केट, भंडार, जलापूर्ति, नगर परिषद की संपत्तियों एवं भवनों की देखरेख समेत चाबी, बुकिंग और वाहनों से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई। इसी को लेकर RTI कार्यकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब नगर परिषद में सिटी मैनेजर, विधि सहायक, CMM, सुपरवाइजर, जमादार, CLTC, JE और AE समेत अलग-अलग पदों पर अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं, तो सफाई कर्मी के मूल पद पर नियुक्त कर्मचारी को इतने अहम प्रशासनिक एवं व्यवस्थापकीय कार्य किस नियम या आदेश के तहत सौंपे गए।
किस आदेश के तहत दी गई जिम्मेदारी ?
रवि कुमार ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि मो. मुमताज अंसारी को इन कार्यों की जिम्मेदारी देने के लिए कार्यालय आदेश, पदस्थापन आदेश, कार्य-विभाजन आदेश या सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति मौजूद है या नहीं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में नियम-कायदे और पद की गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। यदि RTI से प्राप्त अभिलेखों में सफाई कर्मी के पद पर नियुक्त कर्मचारी को महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं व्यवस्थापकीय जिम्मेदारियां दिए जाने की पुष्टि होती है, तो यह जांच का विषय है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
RTI कार्यकर्ता रवि कुमार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि किसी अधिकारी की ओर से नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने मो. मुमताज अंसारी को उनके मूल पद पर वापस भेजने की मांग की है। रवि कुमार ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे जन आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जवाबदेही नगर प्रशासक और जिला प्रशासन की होगी।




