रांची, 30 अगस्त। झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में रविवार को आदिवासी एकता महाजुटान महारैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली सुबह 11 बजे शुरू होगी। प्रस्तावित परिसीमन का विरोध और आदिवासी अधिकारों की रक्षा इस महाजुटान का मुख्य उद्देश्य बताया गया है। रैली को लेकर सुबह से ही विभिन्न इलाकों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
आयोजन स्थल का नेताओं ने लिया जायजा
महाजुटान की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पूर्व विधायक बंधु तिर्की और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की मोरहाबादी मैदान पहुंचे। उन्होंने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्था में सामने आई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
कई जिलों से पहुंचेंगे आदिवासी समाज के लोग
आयोजकों के अनुसार, महाजुटान में झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस नेता बंधु तिर्की, दयामनी बरला, रमा खलखो, आदिवासी नेता लक्ष्मी नारायण मुंडा, अजय तिर्की और शिवा कच्छप समेत कई प्रमुख लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ पक्ष-विपक्ष के आदिवासी सांसदों और विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है। मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों के आदिवासी नेताओं के पहुंचने की भी संभावना है।
आरक्षित सीटें घटने की आशंका पर विरोध
आयोजकों का कहना है कि प्रस्तावित परिसीमन में आदिवासी आरक्षित सीटों की संख्या कम होने की आशंका है। बंधु तिर्की ने कहा कि 2006-07 में भी झारखंड में परिसीमन को लेकर ऐसी आशंकाएं सामने आई थीं। उस समय व्यापक विरोध के कारण राज्य में परिसीमन नहीं हो सका था।
पांचवीं अनुसूची और PESA पर भी चर्चा
आयोजकों के मुताबिक, झारखंड पांचवीं अनुसूची वाला राज्य है। उनका कहना है कि यदि परिसीमन में सीटों का निर्धारण केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो आदिवासी प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है।
महाजुटान में आरक्षित सीटों के अलावा पांचवीं अनुसूची, PESA कानून, खनन बिल, विस्थापन और पलायन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इन विषयों पर प्रस्ताव पारित किए जाने की बात कही गई है।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा का दावा
आयोजकों ने महाजुटान को आदिवासी अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है। रैली के दौरान विभिन्न आदिवासी संगठनों और नेताओं की ओर से परिसीमन को लेकर अपना पक्ष रखा जाएगा।




