देवघर, 8 सितंबर। जिलावासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन को लेकर देवघर समाहरणालय में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन व मुआवजा, झारखंड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना, पेंशन, आवास और राजस्व से जुड़े मामलों को उपायुक्त के समक्ष रखा।
लोगों से एक-एक कर सुनी गई शिकायतें
जनता दरबार में उपायुक्त ने उपस्थित शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित मामलों की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उपायुक्त ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सामने आए मामलों की जांच कर नियमानुसार जल्द समाधान कराया जाएगा।
कई मामलों का मौके पर हुआ निराकरण
जनता दरबार के दौरान राशन कार्ड में नाम जोड़ने, मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना, पेंशन और राजस्व से जुड़े कुछ मामलों का संबंधित विभागों की ओर से ऑन-स्पॉट निराकरण किया गया। इससे लोगों को तत्काल राहत मिली और उन्हें संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिली।
अतिक्रमण, शिक्षा और बिजली बिल की जांच के निर्देश
उपायुक्त ने अतिक्रमण, शिक्षा, अनुकंपा, बिजली बिल और भू-अर्जन से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर प्रगति प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों की भौतिक जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाए।
दाखिल-खारिज के लंबित मामलों पर सख्ती
अंचल स्तर की शिकायतों को लेकर उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन किया जाए। बिना ठोस कारण किसी आवेदन को अस्वीकृत नहीं करने और दस्तावेजों में त्रुटि होने पर रैयतों के साथ समन्वय कर उसे समय पर दूर करने का निर्देश दिया गया।
पर्चा से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने का आदेश
उपायुक्त ने परिवारों को दिए जाने वाले पर्चा से संबंधित लंबित मामलों को भी जल्द से जल्द स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि लोगों की शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक मामले की प्रगति की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
एक सप्ताह में देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट
जनता दरबार के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर प्रतिपुष्टि रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को सौंपें। इससे शिकायतों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जा सकेगी और लोगों को समय पर समाधान मिल सकेगा।




