रामगढ़, 10 सितंबर 2026 : जिले में कथित भ्रष्टाचार, औद्योगिक हादसों और प्रदूषण के मुद्दे को लेकर रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने एक दिवसीय धरना दिया। करीब 10 बजे शुरू हुए इस धरना कार्यक्रम में उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। धरने को संबोधित करते हुए शंकर चौधरी ने आरोप लगाया कि रामगढ़ जिले में बिना रिश्वत के काम कराना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन कई मामलों की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
फैक्ट्री हादसों की जांच रिपोर्ट पर सवाल
पूर्व विधायक ने हाल के महीनों में जिले की फैक्ट्रियों में हुई घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि एक स्पंज फैक्ट्री में हादसे के दौरान पांच मजदूरों की मौत हुई, जबकि चार अन्य घायल हुए और एक मजदूर के अपंग होने की बात भी कही गई। उनके अनुसार, इस घटना की जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। शंकर चौधरी ने आरोप लगाया कि औद्योगिक हादसों के मामलों में जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है और बाद में मामले को दबा दिया जाता है।
श्रीराम पावर प्लांट मामले का भी उठाया मुद्दा
धरने के दौरान उन्होंने श्रीराम पावर प्लांट में हुए फर्नेस ब्लास्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, इस हादसे में एक मजदूर की मौत हुई थी और जांच के बाद फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्लांट बंद करने का आदेश दिया गया था। पूर्व विधायक ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है तो दूसरी फैक्ट्रियों में हुए हादसों की जांच रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं आई। उन्होंने फैक्ट्री के अलग-अलग यूनिट के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े किए और प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
प्रदूषण को लेकर भी प्रशासन पर निशाना
शंकर चौधरी ने रामगढ़ के औद्योगिक इलाकों में प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष निगरानी और कार्रवाई की मांग की।
धरने में कई लोग रहे मौजूद
पूर्व विधायक शंकर चौधरी के साथ धरना कार्यक्रम में प्रकाश मिश्रा, भगवान साव, धर्मवीर महतो, कमलनाथ महतो, प्रेमनाथ साहू, रामेश्वर महतो, सुनील कुमार महतो, पारस चरण केवट, सर्वेश सिंह, कमलेश कुमार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। धरने के जरिए पूर्व विधायक ने प्रशासन से कथित भ्रष्टाचार, औद्योगिक सुरक्षा, प्रदूषण और लंबित जांच रिपोर्टों के मामलों में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की।




