घाटशिला, 17 सितंबर। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और कथित तौर पर एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल को कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, असीम मंडल पिछले कुछ समय से पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पोटाशपुर थाना क्षेत्र के ललाट गांव में आम ग्रामीण बनकर रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसके संभावित ठिकानों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जांच अभियान चलाया जा रहा है।

सूचना के बाद STF ने की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, असीम मंडल के ललाट गांव में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि उसके पास या उसके ठिकाने के आसपास हथियार छिपाए जाने की भी आशंका है। गिरफ्तारी के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

मेदिनीपुर जिला मुख्यालय में पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद असीम मंडल को मेदिनीपुर जिला मुख्यालय ले जाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, ठिकानों और कथित माओवादी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह गांव में कितने समय से रह रहा था।

झारखंड, बंगाल और ओडिशा में 100 से अधिक मामले

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, असीम मंडल के खिलाफ झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 100 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले, विस्फोट और अन्य हिंसक घटनाओं से जुड़े मामले शामिल हैं। उसका नाम सांसद सुनील महतो हत्याकांड और कोल्हान-सारंडा क्षेत्र की कई नक्सली घटनाओं की जांच में भी सामने आने की बात कही गई है।

गुवा हमला और घाटशिला लैंडमाइंस विस्फोट से भी जुड़ा नाम

पुलिस के अनुसार, असीम मंडल का नाम वर्ष 2003 के गुवा थाना हमले से जुड़े मामले में भी आया था। इसके अलावा 30 अगस्त 2008 को पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला क्षेत्र के बुरुडीह में हुए लैंडमाइंस विस्फोट में एक दरोगा समेत 11 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। इस मामले में भी उसका नाम जांच के दौरान सामने आने की बात कही जाती रही है।

नेटवर्क की बाकी कड़ियों की तलाश

असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क, संपर्कों और संभावित हथियार ठिकानों की जांच कर रही हैं। फिलहाल ललाट गांव और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकता है।