रांची, 8 सितंबर। छात्र-युवा हितों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर सक्रिय देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से प्रसारित कुछ जानकारियों को लेकर आपत्ति जताई है। 7 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने दावा किया कि उनके फेसबुक प्रोफाइल में कथित तौर पर एडिट कर पदनाम और अन्य जानकारियों में बदलाव किया गया और ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई।

प्रोफाइल एडिट कर बदनाम करने का आरोप

देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर कथित रूप से बदली गई जानकारी फैलाने का उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना और उनके साथ जुड़े छात्रों-युवाओं के आंदोलन की विश्वसनीयता को प्रभावित करना है। उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत मामला नहीं बताते हुए संगठन की एकता कमजोर करने की कोशिश बताया।

हालांकि, प्रोफाइल में बदलाव किसने किया और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

शिक्षा और भर्ती सुधार की लड़ाई जारी रखने का दावा

महतो ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही।

उन्होंने हाल के भूख हड़ताल, सत्याग्रह और भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का भी जिक्र किया और दावा किया कि इन आंदोलनों को व्यापक समर्थन मिला।

भर्ती मामलों में कार्रवाई का किया दावा

प्रेस विज्ञप्ति में महतो ने दावा किया कि आंदोलन के बाद भर्ती व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई हुई। उनके अनुसार करीब 32 लोगों की गिरफ्तारी, 45 विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई, 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 17 परीक्षाओं की जांच और 6 परीक्षाओं पर रोक जैसी कार्रवाई हुई है।

इन आंकड़ों की आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि किए बिना इन्हें महतो के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

एडिटेड स्क्रीनशॉट शेयर न करने की अपील

देवेंद्र नाथ महतो ने समर्थकों और आम लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी एडिटेड स्क्रीनशॉट या संदिग्ध जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें। उन्होंने लोगों से आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने और अफवाहों से सावधान रहने की अपील की।

संघर्ष कमजोर नहीं होने देने का संदेश

महतो ने कहा कि सोशल मीडिया पर कथित रूप से फैलाए जा रहे भ्रामक कंटेंट से छात्रों और युवाओं की आवाज कमजोर नहीं होगी। उन्होंने आंदोलन की एकता बनाए रखने और शिक्षा व भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को आगे भी जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान संघर्ष और जनता के विश्वास से बनी है और किसी कथित ऑनलाइन छेड़छाड़ से उसे बदला नहीं जा सकता।