धनबाद, 7 सितंबर। धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) के पूर्व महासचिव एस. ए. रहमान ने अपनी सदस्यता रद्द किए जाने के खिलाफ लोकपाल के समक्ष याचिका दायर की है। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर DCA प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए और अपने निष्कासन को द्वेषपूर्ण कार्रवाई बताया। रहमान ने कहा कि वह अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं और मामले में निष्पक्ष सुनवाई की मांग कर रहे हैं।
चुनाव के बाद से बदले की भावना का आरोप
एस. ए. रहमान के मुताबिक, 16 अगस्त 2024 को हुए DCA चुनाव में सचिव पद से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बाद से ही उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद प्रबंधन लगातार उन्हें निशाना बना रहा है और इसी क्रम में उनकी सदस्यता समाप्त की गई।
मीडिया में बयान देने के आरोप से इनकार
रहमान ने अपने खिलाफ लगाए गए मीडिया में गलत बयानबाजी के आरोपों को भी खारिज किया। उनका कहना है कि उनके खिलाफ इस तरह के आरोपों का कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता और यदि कोई प्रमाण है तो उसे सामने रखा जाना चाहिए।
एजीएम की तस्वीरों को लेकर भी सफाई
पूर्व महासचिव ने एजीएम से जुड़ी गतिविधियों पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान केवल तीन-चार सामान्य तस्वीरें ली गई थीं। उनके मुताबिक, इन तस्वीरों को लेकर जिस तरह की बातें कही जा रही हैं, वे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खातीं।
वित्तीय हिसाब को लेकर भी उठाए सवाल
रहमान ने दावा किया कि वर्ष 2006 से 2014 तक DCA के महासचिव रहने के दौरान या उसके बाद उनसे वित्तीय हिसाब-किताब को लेकर कोई आधिकारिक पत्र नहीं मांगा गया। उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक अनियमितता या हिसाब से संबंधित कोई सवाल था तो प्रबंधन को उन्हें लिखित रूप से जानकारी देनी चाहिए थी।
युवाओं पर ध्यान देने की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रहमान ने कहा कि जिस ऊर्जा और संसाधन का इस्तेमाल उनके निष्कासन के मामले में किया जा रहा है, उसे चार युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में लगाया जाता तो धनबाद से कई राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर निकल सकते थे। उन्होंने क्रिकेट प्रशासन से विवादों के बजाय खिलाड़ियों के विकास पर ध्यान देने की अपील की।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मानहानि की चेतावनी
रहमान ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित रूप से भ्रामक बातें फैलाने वालों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि गलत और आपत्तिजनक सामग्री जारी रहने पर वह संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
अब लोकपाल के समक्ष दायर याचिका पर होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि DCA की कार्रवाई और रहमान के आरोपों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।




