रांची, 13 अगस्त 2026 : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास बुधवार को आंदोलन स्थल पहुंच गए। इस बीच उन्होंने छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया और राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर जायज मांगों पर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम भी दे दिया। पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि अगर एक सप्ताह में छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वह खुद भी छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठेंगे और आंदोलन को गति देंगे।

‘यह सिर्फ छात्रों का नहीं, संपूर्ण झारखंड का आंदोलन’

आंदोलनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए भाजपा नेता रघुवर दास ने कहा कि छात्र पिछले कई दिनों से अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से युवा राजधानी रांची पहुंचे हैं और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल कुछ छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों परिवारों की चिंता इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता छात्रों के साथ खड़ी है।

अधिकारियों को भी दी चेतावनी

पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप काम करने की अपील की। रघुवर दास ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, जबकि अधिकारियों का करियर लंबा होता है। इसलिए उन्हें अपने कर्तव्यों का पालन निष्पक्ष तरीके से करना चाहिए।

कहा- इस मंच से राजनीति नहीं करूंगा

रघुवर दास ने कहा कि उनका राजनीतिक सफर भी छात्र आंदोलन से जुड़ा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह छात्रों के इस मंच से राजनीतिक बयानबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने झारखंड की जनता से आंदोलनकारी छात्रों को हर संभव सहयोग देने की अपील की और कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए तथा उनकी मांग पूरी होनी चाहिए।

JSSC CGL समेत कई परीक्षाओं का उठाया मुद्दा

रघुवर दास ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों का जिक्र किया। उन्होंने खास तौर पर JSSC CGL परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं में भरोसे का संकट पैदा हुआ है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। साथ ही उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई।

‘सरकार हठधर्मिता छोड़कर छात्रों से बात करे’

रघुवर दास ने सरकार से छात्रों की मांगों को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को सुनना जरूरी है और सत्ता में बैठे लोगों को अहंकार से बचना चाहिए।

मांगें नहीं मानीं तो खुद करेंगे अनशन

रघुवर दास ने आंदोलनकारी छात्रों को भरोसा दिलाया कि वह उनके संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर छात्रों की जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वह स्वयं भी अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई सिर्फ नौकरी की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।