बोकारो, 17 सितंबर 2026 : सेक्टर-12 के जर्जर और क्षतिग्रस्त घोषित क्वार्टरों में रह रहे बीएसएल कर्मचारियों, सेवानिवृत्त लीज एवं लाइसेंसधारियों की आवासीय समस्या को लेकर भारतीय उद्योग मजदूर संघ ने प्रबंधन से वार्ता की। संघ के महामंत्री कुमार अमित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर सेवा के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और विभिन्न मांगों पर चर्चा की।

जर्जर क्वार्टरों में रहने को मजबूर कर्मचारियों का मुद्दा

महामंत्री कुमार अमित ने कहा कि सेक्टर-12 के कई ब्लॉकों को क्षतिग्रस्त घोषित किए जाने के बाद बड़ी संख्या में बीएसएल कर्मियों और सेवानिवृत्त लीज एवं लाइसेंसधारियों के परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है। उनके अनुसार, कई D-Type आवास के पात्र कर्मचारियों ने पहले ही आवेदन किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने मांग की कि जर्जर क्वार्टरों में रहने वाले पात्र कर्मचारियों को उपलब्ध D-Type आवासों की सूची सार्वजनिक कर उनकी पसंद के अनुसार जल्द आवंटन किया जाए।

क्वार्टर गिरने की घटना के बाद जांच की मांग

कुमार अमित ने हाल में सेक्टर-12 के एक ब्लॉक के अचानक गिरने की घटना का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि संबंधित ब्लॉक प्रबंधन की क्षतिग्रस्त घोषित सूची में शामिल नहीं था। संघ ने इस मामले को लेकर जांच की प्रक्रिया और नगर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

E-Type में शिफ्टिंग के नोटिस पर आपत्ति

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर बिना पर्याप्त मेंटेनेंस वाले E-Type क्वार्टरों में शिफ्ट होने के लिए कहा गया और कुछ मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई का नोटिस भी दिया गया। संघ ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए नोटिस वापस लेने की मांग की। कुमार अमित ने कहा कि कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीएसएल जैसी बड़ी औद्योगिक इकाई में आवास से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

संघ ने रखीं कई मांगें

प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • जर्जर क्वार्टरों में रहने वाले पात्र कर्मचारियों को जल्द D-Type आवास आवंटित करना।
  • खाली D-Type क्वार्टरों की सूची सार्वजनिक करना।
  • आवंटित आवास का पूर्ण मेंटेनेंस कराकर कर्मचारियों को सौंपना या मेंटेनेंस की एकमुश्त राशि उपलब्ध कराना।
  • शिफ्टिंग के लिए कर्मचारियों को ट्रांसपोर्ट भत्ता देना।
  • समय पर आवास उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में दो महीने का अतिरिक्त मकान किराया भत्ता देने पर विचार करना।
  • जर्जर क्वार्टरों में रह रहे लीज एवं लाइसेंसधारियों के लिए भी सम्मानजनक आवास विकल्प उपलब्ध कराना।
  • बड़े परिवार वाले बीएसएल कर्मचारियों के लिए उपलब्ध E-Type क्वार्टरों के आवंटन की समीक्षा करना।
  • लंबे समय से खाली पड़े क्वार्टरों के लिए पारदर्शी आवंटन नीति तैयार करना।
  • जरूरत के अनुसार ठेका कर्मचारियों को भी आवास सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करना।

संघ का कहना है कि खाली आवासों के पारदर्शी उपयोग से ठेका कर्मचारियों को आवास सुविधा मिल सकती है और प्रबंधन को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हो सकता है।

प्रबंधन ने दिया सकारात्मक पहल का आश्वासन

वार्ता के दौरान मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। संघ ने कहा कि यदि जल्द सम्मानजनक समाधान नहीं निकाला गया तो कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।