बेतला (लातेहार), 13 अगस्त 2026 : झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व स्थित बेतला नेशनल पार्क में अब जंगल सफारी का अनुभव पहले से और बेहतर होने जा रहा है। इस नेशनल पार्क में पर्यटकों को जंगल, वन्यजीव और प्रकृति की वैज्ञानिक एवं रोचक जानकारी देने के लिए स्थानीय गाइडों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के बाद स्थानीय गाइड आधुनिक ज्ञान, तकनीक और प्रोफेशनल व्यवहार से लैस होकर नेचर गाइड के रूप में तैयार हुए हैं।
60 घंटे की विशेष ट्रेनिंग
पलामू टाइगर रिजर्व के सहयोग से द नेचुरलिस्ट स्कूल की ओर से स्थानीय गाइडों के लिए पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गाइडों की कुल 60 घंटे के इस प्रशिक्षण में थ्योरी क्लास के साथ फील्ड ट्रेनिंग भी कराई गई। प्रशिक्षण के दौरान गाइडों को जंगल सफारी के व्यावहारिक पहलुओं, पर्यटकों के साथ व्यवहार, वन्यजीवों की पहचान और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की विशेष रूप से जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर्स ने सिखाये गाइडिंग के आधुनिक गुर
प्रशिक्षण को प्रोफेशनल और आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया था। इसके लिए द नेचुरलिस्ट स्कूल की ओर से तीन अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स बेतला पहुंचे। सेवानिवृत्त आर्मी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल नंदिनी सेन ने कोर्स डायरेक्टर के तौर पर प्रशिक्षण का नेतृत्व किया। उन्होंने अनुशासन और प्रोफेशनल व्यवहार पर विशेष जोर दिया। वहीं प्रकृति सुब्रमण्यम ने युवाओं को प्रकृति, पर्यावरण और इकोसिस्टम की जानकारी दी। सिद्धेश जे शंकर ने फील्ड वर्क और जंगल सफारी से जुड़े तकनीकी पहलुओं की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी। प्रशिक्षण के दौरान गाइडों को विशेष गाइडिंग किट भी दी गयी। इससे सफारी के दौरान पर्यटकों को जंगल, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों के बारे में बेहतर और तथ्यपरक जानकारी देने में मदद मिलेगी।
पेड़-पौधों और वन्यजीवों की पहचान से लेकर जड़ी-बूटियों तक की जानकारी
प्रशिक्षण में गाइडों को बेतला के पेड़-पौधों, पक्षियों और विभिन्न वन्यजीवों की पहचान के साथ उनके व्यवहार को समझने की जानकारी दी गई। इसके अलावा पलामू टाइगर रिजर्व के जंगलों में पायी जाने वाली पारंपरिक जड़ी-बूटियों और उनके औषधीय महत्व के बारे में बताया गया। अब गाइड पर्यटकों को जंगल की जैव विविधता के बारे में वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से जानकारी दे सकेंगे।
विदेशी पर्यटकों के साथ व्यवहार पर भी जोर
प्रशिक्षण में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ विनम्र, सुरक्षित और प्रोफेशनल व्यवहार करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सफारी अनुभव देने के साथ-साथ उन्हें जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना है।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने कहा कि इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर और सम्मानजनक अवसर पैदा होंगे। प्रोफेशनल नेचर गाइड तैयार होने से बेतला और पलामू टाइगर रिजर्व के पर्यटन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे पर्यटकों के अनुभव में सुधार होगा और पलामू टाइगर रिजर्व की पहचान पर्यावरण-पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत हो सकती है।




