सरायकेला-खरसावां, 30 अगस्त। सरायकेला-खरसावां जिले के तिरूलडीह थाना पुलिस पर अवैध बालू तस्करी को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। तिरूलडीह सीरकाडीह के ग्राम प्रधान सह पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू उर्फ माझी साव ने शनिवार को टाटा-रांची NH-33 स्थित चौका के एक होटल में प्रेस वार्ता कर थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

थाना प्रभारी पर हाइवा पार कराने का आरोप

अशोक साहू ने आरोप लगाया कि तिरूलडीह थाना प्रभारी दिन-रात खुद गश्ती करते हुए बालू लदे हाइवा को पार कराते हैं। उनके अनुसार, तिरूलडीह क्षेत्र में अवैध रूप से बालू का खनन कर उसे बंगाल सीमा की ओर ले जाया जाता है और वहां डंप किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि बड़े वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि ग्रामीणों या मीडिया की ओर से दबाव बढ़ने पर छोटे ट्रैक्टरों को पकड़कर कार्रवाई की जाती है।

छोटे वाहनों पर कार्रवाई, बड़े हाइवा पर सवाल

ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि पीएम आवास या निजी निर्माण कार्य के लिए बालू ले जा रहे छोटे ट्रैक्टरों को पकड़कर मामला दर्ज किया जाता है। वहीं, उनके अनुसार बड़े हाइवा के जरिए कथित अवैध परिवहन जारी रहता है।

हालांकि, इन आरोपों पर तिरूलडीह थाना प्रभारी या पुलिस विभाग का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

20 लाख CFT बालू को लेकर उठाया मामला

अशोक साहू ने पूर्व में खनन विभाग द्वारा जब्त किए गए करीब 20 लाख CFT बालू का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने बाद में केवल एक लाख CFT जब्त बालू की नीलामी की, लेकिन इसी प्रक्रिया की आड़ में बाकी बालू को कथित तौर पर चोरी-छिपे बेच दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस जांच नहीं हुई है।

वरीय अधिकारियों से शिकायत की तैयारी

अशोक साहू ने कहा कि पूरे मामले की शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों और जिला खनन विभाग से की जाएगी। उन्होंने अवैध बालू खनन और परिवहन पर रोक लगाने के साथ थाना प्रभारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच और दोष पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

फिलहाल प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों के बाद तिरूलडीह क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार और पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।