रांची, 30 अगस्त। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ की त्रासदी के बाद रांची के रामप्रसाद घोष लापता हैं। 26 अगस्त के बाद से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। रामप्रसाद की तलाश को लेकर परिजन लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को उनके परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

एंबेसी समेत कई माध्यमों से तलाश

संजय सेठ ने परिजनों को बताया कि रामप्रसाद रांची के रहने वाले हैं और नेपाल में एक ऑस्ट्रेलियन कंपनी के लिए काम करते थे। बाढ़ की त्रासदी के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार के कुछ सदस्य भी नेपाल पहुंचकर उनकी तलाश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय एंबेसी समेत अन्य माध्यमों से पिछले कुछ दिनों से रामप्रसाद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही उनके संबंध में कोई जानकारी सामने आएगी और वह सुरक्षित वापस लौटेंगे।

25 अगस्त को हुई थी आखिरी बातचीत

रामप्रसाद के भाई प्रकाश कुमार घोष ने बताया कि 25 अगस्त को उनकी आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद 26 अगस्त से संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिवार के सदस्य नेपाल जाकर अलग-अलग स्थानों पर उनकी तलाश कर रहे हैं।

उनकी बहन पूजा घोष ने बताया कि अभी तक रामप्रसाद के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। परिवार को उम्मीद है कि वह किसी सुरक्षित स्थान पर होंगे और जल्द उनका पता चल जाएगा।

अपर त्रिशूली में करते थे काम

परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद रांची के कोकर स्थित हैदर अली रोड नंबर 12 के रहने वाले हैं। वह नेपाल के अपर त्रिशूली क्षेत्र में स्थित एंड्रिट्ज हाइड्रो पावर कंपनी में एडमिन के पद पर कार्यरत थे। परिवार के मुताबिक, वह पिछले कुछ महीनों से कंपनी से जुड़े हुए थे और करीब दो महीने पहले छुट्टी पर रांची आए थे।

परिवार को सरकारी मदद की उम्मीद

रामप्रसाद के पिता ने कहा कि बेटे की जानकारी मिलते ही परिवार उसे वापस रांची लाने की कोशिश करेगा। परिवार का एक सदस्य और बहू नेपाल में उनकी तलाश में जुटे हैं, जबकि उनका एक दोस्त भी स्थानीय इलाके की जानकारी के आधार पर मदद कर रहा है। परिजनों ने सरकार और भारतीय दूतावास से तलाश तेज करने की अपील की है।