नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026 : जम्मू-कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में संपूर्ण वंदे मातरम के गायन को लेकर कांग्रेस और उसकी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच सियासी तकरार शुरू हो गई है। समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने करीब तीन मिनट 10 सेकंड तक वंदे मातरम के सम्मान में खड़े होकर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने सहयोगी दलों को वंदे मातरम के केवल उन दो छंदों को गाने की सलाह दी, जिन्हें कांग्रेस के मुताबिक स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनाया गया था।
कांग्रेस ने क्यों जताई आपत्ति ?
केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वंदे मातरम का पूरा संस्करण उस सामंजस्यपूर्ण और बहुलवादी सोच के अनुरूप नहीं है, जिसकी कल्पना स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत के लिए की थी। उन्होंने सहयोगी दलों से स्वतंत्रता सेनानियों के फैसले का सम्मान करने की अपील की। कांग्रेस का तर्क है कि वंदे मातरम के दो छंदों को ऐतिहासिक रूप से इसलिए अपनाया गया था ताकि गीत को लेकर किसी तरह का सांप्रदायिक विवाद न हो और देश के धर्मनिरपेक्ष एवं समावेशी स्वरूप को बनाए रखा जा सके।
BJP ने कांग्रेस पर किया पलटवार
कांग्रेस के बयान के बाद बीजेपी ने उस पर तीखा हमला बोला। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उसके गठबंधन के सहयोगी भी संपूर्ण वंदे मातरम के गायन में शामिल हो रहे हैं, तब कांग्रेस को इस पर आपत्ति क्यों है। सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसका ''असली चेहरा'' सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सहयोगी दल भी अब संपूर्ण वंदे मातरम में शामिल हो रहे हैं और दावा किया कि पार्टी की राजनीति में बदलाव दिखाई दे रहा है। बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए उसे '21वीं सदी की मुस्लिम लीग' तक कह दिया। हालांकि, यह बीजेपी नेता द्वारा कांग्रेस पर किया गया राजनीतिक आरोप है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की भूमिका बनी चर्चा का केंद्र
पूरे विवाद में नेशनल कॉन्फ्रेंस की भूमिका भी अहम हो गई है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला का संपूर्ण वंदे मातरम के दौरान सम्मान में खड़ा होना कांग्रेस के रुख से अलग दिखाई दिया। यही वजह है कि वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल के बीच राजनीतिक मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। अब यह मुद्दा केवल राष्ट्रगीत के गायन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस-NC गठबंधन और विपक्षी राजनीति के भीतर मतभेद का नया मुद्दा बनता दिख रहा है।




