चेन्नई, 12 सितंबर 2026 : तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की विधानसभा में की गई टिप्पणियों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सीएम विजय के बयानों के विरोध में सत्तारूढ़ डीएमके ने शनिवार को पूरे राज्य में प्रदर्शन किया। इस बीच पार्टी ने आरोप लगाया कि सीएम विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता एम. करुणानिधि तथा डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इससे डीएमके के कार्यकर्ता खासे नाराज और परेशान हैं।

पीके शेखर बाबू ने विजय पर साधा निशाना

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डीएमके के वरिष्ठ नेता पीके शेखर बाबू ने एम.के. स्टालिन की तारीफ करते हुए उन्हें 'मिस्टर क्लीन' बताया। उन्होंने कहा कि स्टालिन ने राजनीति में त्याग, नैतिकता और मूल्यों का पालन किया है। शेखर बाबू ने विधानसभा में स्टालिन को निशाना बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान स्टालिन की गिरफ्तारी और जेल जाने से जुड़े दावों को लेकर भी राज्य सरकार के रुख पर भी सवाल उठाया।

विजय के भ्रष्टाचार के आरोपों को बताया 'फिल्मी डायलॉग'

डीएमके नेता ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा पिछली डीएमके सरकारों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में करीब एक घंटे तक दिए गए विजय के आरोप महज 'फिल्मी डायलॉग' जैसे थे। डीएमके का आरोप है कि विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को इन आरोपों का जवाब देने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया।

'घायल शेर की तरह मैदान में डटी है DMK'

शेखर बाबू ने कहा कि डीएमके इन आरोपों से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने पार्टी को 'घायल शेर' बताते हुए कहा कि एक दिन इन सभी बातों का हिसाब किया जाएगा। डीएमके पहले भी विजय के विधानसभा भाषण की आलोचना कर चुकी है। पार्टी का कहना है कि विजय के भाषण में करुणानिधि, मुरासोली मारन और एम.के. स्टालिन के राजनीतिक योगदान और त्याग को निशाना बनाया गया।

क्या कहा था मुख्यमंत्री विजय ने ?

मुख्यमंत्री विजय ने सात सितंबर को विधानसभा में डीएमके पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए और करुणानिधि सरकार से जुड़े आरोपों के संदर्भ में सरकारिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया। सीएम विजय ने 2021 से 2026 के बीच डीएमके सरकार के कार्यकाल को लेकर कथित भ्रष्टाचार से जुड़े ईडी के दस्तावेजों का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन सीएम एम.के. स्टालिन और उनके डिप्टी उदयनिधि स्टालिन का नाम लिया था।

इमरजेंसी में स्टालिन की गिरफ्तारी पर भी विवाद

विधानसभा में कानून मंत्री निर्मल कुमार की ओर से इमरजेंसी के दौरान स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर किए गए दावों पर भी विवाद है। मंत्री के अनुसार, ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो कि स्टालिन को एमआईएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि इंदिरा गांधी के 20-सूत्रीय कार्यक्रम पर टिप्पणी के बाद स्टालिन को गिरफ्तार किया गया था। तमिलनाडु की राजनीति में इस विवाद के बीच डीएमके और सीएम विजय के बीच टकराव और तेज हो गया है।