नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026 : नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI लेनदेन पर भविष्य में Merchant Discount Rate (MDR) लगाए जाने की संभावित गुंजाइश को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि अगर व्यापारियों से UPI भुगतान पर शुल्क लिया जाता है तो उसका अप्रत्यक्ष बोझ आखिरकार ग्राहकों पर ही पड़ सकता है। इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी की तीखी आलोचना की है। राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि सरकार ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने का रास्ता खोल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लेनदेन कुल UPI ट्रांजैक्शन का करीब पांच प्रतिशत हैं, लेकिन ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65% है। इस तरह राहुल गांधी ने मोदी सरकार को आमलोगों के जीवन को कठिन बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इससे देश में महंगाई और बढ़ेगी।
राहुल गांधी ने उठाया सवाल- दुकानदार की फीस कौन देगा?
राहुल गांधी का तर्क है कि सरकार भले ही सीधे ग्राहकों से UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लेने की बात कहे, लेकिन अगर व्यापारियों पर फीस लगाई जाती है तो उसका असर ग्राहकों पर पड़ सकता है।उन्होंने कहा कि दुकानदार अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ा सकते हैं। ऐसे में UPI पर सीधे शुल्क नहीं होने के बावजूद इसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहक की जेब पर पड़ने की आशंका है।
अमेरिकी पेमेंट कंपनियों को लेकर भी लगाया आरोप
राहुल गांधी ने अपने बयान में अमेरिकी पेमेंट कंपनियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी कंपनियां लंबे समय से भारत की Zero MDR Policy का विरोध करती रही हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार के मौजूदा कदमों से UPI पर शुल्क लगाने की दिशा में रास्ता खुल सकता है।
यूएस ट्रेड डील से जोड़कर PM मोदी पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एक बार फिर अमेरिकी दबाव के आगे झुक रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी को ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ बताते हुए अमेरिका के सामने ‘सरेंडर’ करने का बड़ा आरोप लगाया है।
सरकार ने क्या कहा ?
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसी तरह ₹2,000 तक के RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना के मुताबिक, RuPay डेबिट कार्ड और ₹2,000 तक के UPI लेनदेन को आधिकारिक रूप से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम के तौर पर अधिसूचित किया गया है।
बैंक या पेमेंट सिस्टम शुल्क नहीं वसूल सकेंगे
सरकार के मुताबिक, कोई भी बैंक या पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर इन माध्यमों से भुगतान करने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क नहीं वसूल सकता। केंद्र ने यह फैसला Payment and Settlement Systems Act, 2007 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए लिया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इसका उद्देश्य UPI लेनदेन पर संभावित शुल्क को लेकर पैदा हुए भ्रम को दूर करना है। सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि आम उपभोक्ताओं के लिए Person-to-Person (P2P) UPI भुगतान मुफ्त रहेंगे।




