नई दिल्ली: देश में प्याज के बाद अब टमाटर की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। प्रमुख कृषि मंडियों में पिछले एक महीने के दौरान टमाटर के थोक भाव दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं। इसका असर खुदरा बाजारों पर भी पड़ा है। करीब दो सप्ताह पहले तक प्रमुख शहरों में ₹20 से ₹25 प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब कई शहरों में लगभग ₹50 प्रति किलो तक पहुंच गया है।
टमाटर की कीमतों में इस तेजी के पीछे प्रमुख उत्पादक राज्यों में मौसम का प्रतिकूल असर और मंडियों में आवक में आई गिरावट को अहम वजह माना जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक, सितंबर में तापमान में असामान्य बदलाव, पानी की कमी और रात के समय सामान्य से कम तापमान के कारण टमाटर की फसल प्रभावित हुई। इसका असर उत्पादन और बाजार में पहुंचने वाली खेप पर पड़ा है।
इन मंडियों में दोगुने से ज्यादा बढ़े टमाटर के भाव
कृषि मंत्रालय के एगमार्कनेट (Agmarknet) पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक की कोलार कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में टमाटर के मॉडल भाव में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर को यहां टमाटर का मॉडल भाव ₹800 प्रति क्विंटल था, जो बढ़कर ₹1,500 प्रति क्विंटल हो गया। वहीं, उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर का भाव ₹3,000 प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गया है।
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले की पलमनेर APMC में भी टमाटर की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। यहां एक महीने पहले टमाटर का भाव करीब ₹1,500 प्रति क्विंटल था, जो बढ़कर ₹3,300 प्रति क्विंटल हो गया।
हालांकि, सभी मंडियों में कीमतों का रुख एक जैसा नहीं है। महाराष्ट्र की नासिक कृषि उपज मंडी में टमाटर के भाव में गिरावट दर्ज की गई है। यहां एक महीने पहले ₹2,100 प्रति क्विंटल के मुकाबले भाव घटकर ₹1,250 प्रति क्विंटल रह गया है।
मंडियों में घट रही टमाटर की आवक
टमाटर की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह मंडियों में इसकी कम होती आवक है। मीडिया रिपोर्टों और एगमार्कनेट के आंकड़ों के मुताबिक, प्रमुख टमाटर उत्पादक क्षेत्रों से बाजार में आने वाली खेप घटने के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मंडियों में टमाटर की साप्ताहिक आवक घटकर 1,200 टन से भी कम रह गई, जबकि एक महीने पहले यह करीब 1,700 टन थी। अक्टूबर की शुरुआत में आवक 950 टन से भी नीचे पहुंच गई थी। हालांकि, महाराष्ट्र के नासिक से टमाटर की अतिरिक्त खेप आने के बाद बाजार में आवक में कुछ सुधार देखने को मिला।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख टमाटर उत्पादक राज्यों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने फसल को प्रभावित किया है। यदि आवक में पर्याप्त सुधार नहीं होता है, तो कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
दिल्ली समेत बड़े शहरों में कितने रुपये किलो मिल रहा टमाटर?
थोक मंडियों में कीमतें बढ़ने का असर खुदरा बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। करीब दो सप्ताह पहले प्रमुख शहरों में टमाटर ₹20 से ₹25 प्रति किलो बिक रहा था, लेकिन अब कई जगह इसकी कीमत करीब ₹50 प्रति किलो तक पहुंच गई है।
उपलब्ध बाजार जानकारी के मुताबिक, प्रमुख शहरों में टमाटर के खुदरा भाव इस प्रकार हैं:
- मुंबई: करीब ₹50 प्रति किलो
- चेन्नई: करीब ₹50 प्रति किलो
- कोलकाता: करीब ₹50 प्रति किलो
- बेंगलुरु: करीब ₹50 प्रति किलो
- हैदराबाद: करीब ₹50 प्रति किलो
- दिल्ली: करीब ₹34 से ₹40 प्रति किलो
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये भाव रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों पर आधारित हैं। स्थानीय बाजार, टमाटर की गुणवत्ता और उपलब्धता के अनुसार खुदरा कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।
आगे क्या बढ़ेंगे टमाटर के दाम?
टमाटर की कीमतों में आगे तेजी जारी रहेगी या राहत मिलेगी, यह काफी हद तक मंडियों में आवक और प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल की स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि मौसम अनुकूल रहता है और बाजार में टमाटर की आपूर्ति बढ़ती है, तो कीमतों में नरमी आ सकती है। वहीं, आवक कम रहने पर खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को ऊंचे दाम चुकाने पड़ सकते हैं।
फिलहाल, प्याज के साथ टमाटर की बढ़ती कीमतें घरेलू बजट पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मंडियों की आवक और खुदरा बाजार के भाव पर नजर बनी रहेगी।




