नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026 : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय से होर्डिंग/साइनबोर्ड हटाए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, मगर शीर्ष अदालत ने इस पर सीधे सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी को अपनी सभी दलीलें कलकत्ता हाई कोर्ट के सामने रखने को कहा है। इसके साथ ही हाई कोर्ट से मामले पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है। प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने टीएमसी की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि मामले से जुड़े सभी मुद्दों पर कलकत्ता हाई कोर्ट ही सुनवाई करे। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।

कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय से हटाया गया था होर्डिंग

मामला कोलकाता के 9, कैमक स्ट्रीट स्थित उस परिसर से जुड़ा है, जहां टीएमसी का कार्यालय बताया जाता है। टीएमसी का आरोप है कि कोलकाता नगर निगम (KMC) ने पुलिस की मदद से पार्टी का साइनबोर्ड/होर्डिंग हटा दिया। पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि बोर्ड को बिना किसी नोटिस के हटाया गया और पार्टी उस परिसर से कानूनी रूप से काम कर रही थी। अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से हटाए गए नेम बोर्ड को दोबारा लगाने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की मेरिट पर सीधे सुनवाई करने के बजाय टीएमसी को कलकत्ता हाई कोर्ट जाने को कहा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बोर्ड हटाए जाने से विवाद समाप्त नहीं हो जाता। पीठ ने हाई कोर्ट से कहा कि वह मामले से जुड़े सभी पक्षों की दलीलों पर शीघ्रता से फैसला करे। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया और मामले को हाई कोर्ट के समक्ष आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है।

पहले हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत से किया था इनकार

इससे पहले 28 अगस्त को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कथित रूप से अनधिकृत साइनबोर्ड/होर्डिंग हटाए जाने के खिलाफ टीएमसी की याचिका पर तत्काल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि कैमक स्ट्रीट परिसर से साइनबोर्ड/होर्डिंग पहले ही हटाया जा चुका है, इसलिए तत्काल अंतरिम संरक्षण देने की स्थिति नहीं बनती। इसी आदेश के खिलाफ टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

अब हाई कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस विवाद में अब कलकत्ता हाई कोर्ट की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। टीएमसी अपनी दलीलें हाई कोर्ट के सामने रखेगी, जबकि होर्डिंग हटाने से जुड़े नगर निगम के फैसले और उसकी वैधता पर भी अदालत में सुनवाई होगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कोई अंतिम राय नहीं दी है और विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर फैसला लेने की जिम्मेदारी कलकत्ता हाई कोर्ट पर छोड़ दी है।