नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026 : तिहाड़ जेल से रिहा होने के एक दिन बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए 22 अक्टूबर को राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय में पेश होने का नोटिस दिया था। हालांकि दोनों नेता निर्धारित समय पर पेश नहीं हुए और उन्होंने पुलिस से अतिरिक्त समय मांगा। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस अब उन्हें नए नोटिस जारी करेगी।
50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर जेल से हुए रिहा
सौरव दास और आशुतोष रांका को 21 अक्टूबर को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत के आदेश के बाद तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था। दोनों ने 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड जमा किए और शांति बनाए रखने से संबंधित लिखित आश्वासन दिया। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। पुलिस का आरोप था कि प्रदर्शन स्थल को अधिसूचित सूची से हटाए जाने के बाद भी वे वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने दो केस दर्ज किए, जिनकी जांच बाद में क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने क्या कहा ?
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई से जुड़ा वीडियो साझा किया। उन्होंने दोनों नेताओं की तारीफ करते हुए कहा कि सौरव और आशुतोष उनसे भी बड़े नेता हैं और वे जो कहेंगे, दीपके उनकी बात मानेंगे।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामले की जांच क्राइम ब्रांच के पास
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस से जुड़े मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। पुलिस इन मामलों में कथित तौर पर सरकारी आदेश की अवहेलना और बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किए जाने की जांच कर रही है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
नेहा बोरा ने कहा- मेरा प्रदर्शन CJP से अलग था
इसी बीच, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि वह CJP के प्रदर्शन आह्वान का हिस्सा नहीं थीं और उनका प्रदर्शन अलग था। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उनसे शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने को कहा गया था। उनके वकील ने हिरासत की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे अवैध बताया। यह मामला CJP नेताओं के मामलों से अलग है और इससे जुड़ी न्यायिक कार्यवाही का परिणाम संबंधित अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।
23 अक्टूबर को SIR के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन की तैयारी
‘People Against SIR’ गठबंधन ने 23 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन और मार्च का आह्वान किया है। आयोजकों के मुताबिक यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। इसमें नागरिक संगठनों, किसान यूनियनों, मजदूर संगठनों और युवा संगठनों के शामिल होने की अपील की गई है।
INDIA ब्लॉक की बैठक में बनेगी आगे की रणनीति
खबर के मुताबिक INDIA ब्लॉक के नेता ऑनलाइन बैठक कर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा करने वाले हैं। विपक्षी गठबंधन की प्रमुख मांगों में मतदाता सूची में पारदर्शिता, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करना तथा चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल है। SIR को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की आपत्तियों के बीच अब 23 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन पर नजर रहेगी। वहीं, सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले में क्राइम ब्रांच की अगली कार्रवाई और नए नोटिस का इंतजार है।




