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Team India' मॉडल पर बड़ा दांव ! अब राज्यों से सीधा तालमेल बढ़ाएंगे केंद्रीय मंत्री | Diarch News
Team India' मॉडल पर बड़ा दांव ! अब राज्यों से सीधा तालमेल बढ़ाएंगे केंद्रीय मंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'Team India' विजन के तहत केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्रियों के राज्यों के साथ बेहतर समन्वय को लेकर इस पहल के पीछे क्या रणनीति है और इसका असर कैसे दिख सकता है, जानिए पूरी कहानी।
Sushil Kumar Singh
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नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026 : केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों को राज्यों के साथ नियमित संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मोदी सरकार का जोर अब सिर्फ योजनाओं की समीक्षा तक सीमित रहने के बजाय उनके जमीनी क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को सीधे राज्यों के साथ मिलकर हल करने पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने मंत्रालय से जुड़े राज्यों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित और सेक्टरवार बैठकें करें। इन बैठकों में योजनाओं की प्रगति, परियोजनाओं की स्थिति और स्थानीय स्तर पर आने वाली अड़चनों पर चर्चा की जाएगी।
क्या है पीएम मोदी का ‘Team India’ प्लान?
सरकार इस पहल को ‘Team India’ और सहकारी संघवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। इसका मकसद केंद्र और राज्यों के बीच संवाद को और सीधा बनाना है। केंद्र सरकार की कई योजनाओं के लिए नीतिगत दिशा और वित्तीय सहायता केंद्र से आती है, जबकि उन्हें जमीन पर लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी राज्यों की होती है। ऐसे में दोनों स्तरों के बीच बेहतर तालमेल से योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिल सकती है।
सेक्टरवार बैठकें करेंगी केंद्र और राज्य सरकारें
निर्देश के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अपने मंत्रालय से जुड़े राज्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ सेक्टरवार बैठकें कर सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से तीन तरह के मुद्दों पर फोकस रहेगा:
केंद्र की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की पहचान
विकास परियोजनाओं में आ रही रुकावटों का समाधान
इस व्यवस्था के जरिए फंड, मंजूरी, जमीन, विभागीय समन्वय और अन्य प्रशासनिक अड़चनों को जल्द सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
जल शक्ति मंत्रालय से हुई पहल की शुरुआत
इस तरह के समन्वय की पहल हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय की बैठक से सामने आई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने एक और दो सितंबर को नई दिल्ली में राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में जल से जुड़ी आधारभूत परियोजनाओं, जल स्रोतों के संरक्षण, जल संचय में जनभागीदारी और जल जीवन मिशन 2.0 जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान राज्य मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी से भी बातचीत की। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस संवाद में शामिल हुए।
अब दूसरे मंत्रालय भी करेंगे राज्यों के साथ बैठक
जल शक्ति मंत्रालय की पहल के बाद अब दूसरे मंत्रालयों को भी इसी मॉडल पर काम करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ऐसी अगली क्षेत्रीय बैठक आयोजित कर सकता है। इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय की ओर से भी राज्यों के साथ इसी तरह के संवाद को आगे बढ़ाने की संभावना है।
पर्यावरण और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर क्यों जरूरी है समन्वय?
पर्यावरण, प्रदूषण, वन संरक्षण, जल संसाधन और आपदा प्रबंधन जैसे कई मुद्दे किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहते। इन मामलों में कई राज्यों और केंद्र के बीच एक साथ काम करना जरूरी होता है।खासकर दिल्ली-NCR के प्रदूषण को लेकर केंद्र और संबंधित राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत रहती है। ऐसे मामलों में साझा कार्ययोजना और समयबद्ध कार्रवाई के लिए केंद्र-राज्य संवाद अहम हो सकता है।
आखिर पीएम मोदी क्यों बढ़ाना चाहते हैं केंद्र-राज्य संवाद ?
केंद्र सरकार की कई बड़ी योजनाओं का असर सीधे आम लोगों तक पहुंचता है, मगर उनके सफल क्रियान्वयन में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अगर किसी योजना में जमीन, फंड, मंजूरी, प्रशासनिक प्रक्रिया या विभागों के बीच तालमेल की समस्या आती है तो उसके समाधान में देरी से पूरी परियोजना प्रभावित हो सकती है। नियमित संवाद के जरिए ऐसी समस्याओं को शुरुआती स्तर पर ही चिन्हित करने और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। सरकार इसे सहकारी संघवाद और ‘Team India’ की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ विकास योजनाओं की गति बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देख रही है।