नई दिल्ली: भारत में Starlink की सर्विस शुरू होने में हो रही देरी को लेकर एलन मस्क के ‘ओलिगार्क्स’ वाले आरोप पर केंद्र सरकार ने जवाब दिया है। संचार मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस के लिए बनाया गया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क निष्पक्ष और भेदभाव-रहित है।
सरकार ने कहा कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए लाइसेंस हासिल करने वाली तीनों कंपनियां फिलहाल लगभग एक ही रेगुलेटरी स्टेज पर हैं। सभी लाइसेंसधारी कंपनियों की सुरक्षा संबंधी जांच चल रही है। सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित कंपनी स्पेक्ट्रम आवंटन के अगले चरण में जा सकेगी। PPress Information Bureau
सरकार ने मस्क के आरोप को बताया बेबुनियाद
संचार मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को लेकर किए जा रहे दावों पर स्पष्टीकरण जारी किया।
मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने सभी टेलीकॉम सेवाओं के लिए निष्पक्ष और भेदभाव-रहित ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क बनाया है। सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाएं भी इसी व्यवस्था के तहत आती हैं।
सरकार ने कहा कि यह सुझाव कि भारत का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क या उसका इस्तेमाल किसी कंपनी के खिलाफ भेदभावपूर्ण तरीके से किया जा रहा है, बेबुनियाद और गलतफहमी पर आधारित है। PPress Information Bureau
तीनों कंपनियों की सुरक्षा जांच जारी
सरकार के अनुसार, भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवा देने के लिए तीन ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट कंपनियों को टेलीकॉम लाइसेंस दिए गए हैं।
लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक, हर कंपनी को सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना जरूरी है। सरकार ने बताया कि तीनों लाइसेंसधारी कंपनियों की सुरक्षा जांच फिलहाल चल रही है।
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद संबंधित कंपनी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। फिलहाल तीनों कंपनियां मोटे तौर पर एक ही रेगुलेटरी स्थिति में हैं। PPress Information Bureau
क्या कहा था एलन मस्क ने?
एलन मस्क ने 7 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया था कि भारत में कुछ ‘ओलिगार्क्स’ Starlink को रोक रहे हैं ताकि अपनी बाजार में एकाधिकार वाली स्थिति बनाए रख सकें। मस्क ने किसी का नाम नहीं लिया था।
मस्क ने इसे भारत के लोगों के खिलाफ अपराध बताया था और कहा था कि Starlink उन लोगों को हाई-स्पीड और किफायती इंटरनेट उपलब्ध करा सकता है, जिनके पास अभी इंटरनेट कनेक्शन नहीं है या मौजूदा सेवाएं उनकी पहुंच से बाहर हैं। TThe Siasat Daily+1
Starlink ने इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने का किया दावा
Starlink की ओर से भारत में सर्विस शुरू करने की तैयारियों को लेकर भी जानकारी दी गई है। कंपनी का कहना है कि उसने भारत में 20 से ज्यादा गेटवे साइट्स तैयार की हैं और भारतीय सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप अपने सिस्टम में सुरक्षा नियंत्रण तैयार किए हैं।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में Starlink की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने भी कहा था कि कंपनी भारतीय यूजर्स का डेटा भारत में ही रखने की व्यवस्था कर रही है और कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश किया गया है। OOutlook India
अब आगे क्या होगा?
सरकार के मुताबिक, फिलहाल Starlink समेत तीनों लाइसेंसधारी कंपनियों की सुरक्षा जांच चल रही है। किसी कंपनी की सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह स्पेक्ट्रम आवंटन के अगले चरण में जा सकेगी।
ऐसे में भारत में Starlink की कमर्शियल सर्विस शुरू होने की प्रक्रिया फिलहाल रेगुलेटरी और सुरक्षा मंजूरियों से जुड़ी हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तीनों कंपनियों के लिए नियम समान हैं।




