नई दिल्ली, 9 सितंबर, 2026 : सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद पाकिस्तान और तुर्की की भूमिका को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच भारत के रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पाकिस्तान को सऊदी अरब के साथ हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते (Mecca Joint Defence Agreement) की याद दिलाते हुए अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने की चुनौती दे दी है। इस बीच रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने तंज कसते हुए कहा है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करने का अब समय आ गया है।
सऊदी अरब पर हूती हमला, मक्का समझौते पर सवाल
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच करीब एक महीने पहले मक्का में संयुक्त रक्षा समझौता हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। इसके तहत किसी एक देश पर होने वाले हमले को साझा सुरक्षा चिंता के तौर पर देखा जाना था। अब सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद इस समझौते की प्रभावशीलता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान और तुर्की ने हमले की निंदा की है, मगर सीधे सैन्य कार्रवाई का ऐलान नहीं किया।
हर्ष कक्कड़ ने शहबाज शरीफ को घेरा
इसी मुद्दे पर रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान और तुर्की ने सऊदी अरब के साथ सुरक्षा समझौता किया है तो अब उसे व्यवहार में दिखाने का समय है। रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने पाकिस्तान को सऊदी अरब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करने और हूतियों के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमता का इस्तेमाल करने की चुनौती दी है।
PoK और बलूचिस्तान का भी जिक्र
हर्ष कक्कड़ ने अपनी टिप्पणी में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को लेकर बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा (KP) और PoJK/PoK का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल अपने ही क्षेत्रों में नागरिकों के खिलाफ करता है, लेकिन बाहरी मोर्चे पर जवाबी कार्रवाई से बचता है। उनकी यह टिप्पणी पाकिस्तान की घरेलू सैन्य कार्रवाइयों और सऊदी अरब के साथ उसके रक्षा संबंधों को लेकर एक राजनीतिक-सामरिक तंज के तौर पर सामने आई है।
शहबाज शरीफ ने क्या कहा ?
सऊदी अरब पर हुए हूती हमले के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने सऊदी अरब में आम नागरिकों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने को कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया। शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान सऊदी नेतृत्व और वहां की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है। हालांकि, बयान में किसी प्रत्यक्ष पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई।
मक्का रक्षा समझौते की परीक्षा ?
सऊदी अरब पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं। ऐसे में हूती हमले के बाद यह सवाल उठ रहा है कि Mecca Defence Agreement व्यवहार में किस तरह लागू होता है और क्या इससे तीनों देशों के बीच कोई संयुक्त सैन्य प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से सऊदी अरब के समर्थन में कड़ी निंदा और एकजुटता का संदेश सामने आया है। वहीं, हर्ष कक्कड़ की टिप्पणी ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत-पाकिस्तान के सामरिक संदर्भ से भी जोड़ दिया है।




