मुंबई, 1 अक्टूबर 2026 : भारतीय शेयर बाजार में एक अक्टूबर 2026 यानी गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में दबाव देखने को मिला। इस तरह सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट रही और ऑटो समेत कई सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव बना रहा। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बाजार पर असर डालने वाले प्रमुख कारकों में रही। इससे बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट रही।

FII की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI/FII की लगातार बिकवाली बाजार के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। 30 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब ₹10,148 करोड़ की निकासी की। इससे सितंबर में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली करीब ₹52,000 करोड़ तक पहुंच गई थी। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII बाजार में खरीदारी के जरिए कुछ सपोर्ट देते नजर आए। हालांकि विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के दबाव को पूरी तरह संतुलित नहीं किया जा सका।

US Bond Yield में तेजी का असर

अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी ने भी उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। अमेरिकी 10-year Treasury yield करीब 5.3% के स्तर तक पहुंची, जिससे डॉलर आधारित एसेट्स की आकर्षकता बढ़ने और उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी निकलने की चिंता बढ़ी। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली को समझने के लिए यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक फैक्टर माना जा रहा है।

रुपये और कच्चे तेल की चिंता

डॉलर की मजबूती के बीच भारतीय रुपये पर भी दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही Brent crude oil की कीमत करीब 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई और कॉरपोरेट मार्जिन को लेकर चिंता बढ़ा सकती हैं।

ऑटो सेक्टर में ज्यादा बिकवाली

गुरुवार के कारोबार में ऑटो शेयरों पर खासा दबाव रहा। रिपोर्टों के मुताबिक Nifty Auto index में 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत India VIX से भी मिला, जिसमें तेज उछाल दर्ज किया गया।

Moneyview IPO की शानदार लिस्टिंग

जहां व्यापक बाजार में गिरावट रही, वहीं Moneyview के शेयरों ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। ₹34 के IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले Moneyview के शेयर NSE पर ₹55 पर लिस्ट हुए, यानी करीब 61.76% प्रीमियम। BSE पर शेयर ₹55.61 पर खुले, जो करीब 63.56% प्रीमियम था।Moneyview IPO को 24 से 28 सितंबर के दौरान कुल 98.46 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। QIB कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 227.45 गुना रहा। पहले कारोबारी दिन में Moneyview के शेयरों में और तेजी देखने को मिली और Reuters के मुताबिक स्टॉक दिन के दौरान IPO कीमत से 76% तक ऊपर गया तथा बाद में ₹56.75 पर बंद हुआ।

बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर

लगातार चार सत्रों की कमजोरी के बीच निवेशकों की नजर अब विदेशी निवेशकों की गतिविधि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत भारतीय बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।