कोलकाता, 30 अगस्त। पश्चिम बंगाल में कथित किडनी तस्करी गिरोह की जांच के दौरान बांग्लादेश कनेक्शन सामने आया है। बंगाल एसटीएफ ने बांग्लादेशी नागरिक रसेल अहमद को बागुईआटी के अतघरा फुलतला इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से कथित तौर पर किडनी के रेट से जुड़ा चार्ट और अलग-अलग राज्यों के निजी अस्पतालों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसियां अब गिरोह के नेटवर्क और उसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।

एसटीएफ ने रसेल अहमद को किया गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, बंगाल एसटीएफ ने रसेल अहमद को गिरफ्तार करने के बाद उसे विधाननगर दक्षिण थाने की पुलिस को सौंप दिया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रसेल पहले भी कथित किडनी तस्करी मामले में गिरफ्तार हो चुका है। फिलहाल उससे पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

2024 में भी हो चुकी है गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में दिल्ली पुलिस ने रसेल को कथित किडनी तस्करी गिरोह से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसके भारत में कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने और आधार कार्ड तथा पैन कार्ड बनवाने की जानकारी सामने आई थी। अब बंगाल में हुई गिरफ्तारी के बाद पुराने मामले और मौजूदा नेटवर्क के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

प्रभास मंडल से पूछताछ में सामने आया नाम

कुछ दिन पहले पुलिस ने कथित किडनी तस्करी गिरोह से जुड़े प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान रसेल का नाम सामने आने के बाद एसटीएफ ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस को आशंका है कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाकर उन्हें नौकरी या पैसों का लालच देता था।

रेट चार्ट से जांच को मिली अहम जानकारी

रसेल के पास से कथित तौर पर बरामद रेट चार्ट को जांच में अहम माना जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के निजी अस्पतालों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क किन लोगों और संस्थानों तक फैला हुआ था।

अदालत में पेश किया जाएगा आरोपी

पुलिस के मुताबिक, रसेल से विधाननगर दक्षिण थाने में पूछताछ जारी है। उसे अदालत में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जांच एजेंसियां अब गिरोह के अन्य सदस्यों, संभावित पीड़ितों और भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं।