नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2026 : राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की सुरक्षित हवाई आवाजाही के लिए भारतीय वायुसेना 24 स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी में है। इस परियोजना पर करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इस खरीद योजना को मंजूरी भी दे दी है। इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल देश की शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक हस्तियों की वीवीआईपी आवाजाही के लिए किया जा सकता है। इस खरीद से भारतीय वायुसेना की हवाई परिवहन क्षमता को मजबूत करने की योजना है।

24 हेलीकॉप्टरों की खरीद पर खर्च होंगे करीब 10,000 करोड़ रुपये

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए 24 स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर खरीदे जाने की योजना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 10,000 करोड़ रुपये बताई गई है। रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी खरीद प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इसके बाद निविदा, तकनीकी मूल्यांकन, निर्माता का चयन और अनुबंध जैसी प्रक्रियाएं भी हो सकती हैं। इसलिए मंजूरी को हेलीकॉप्टरों की अंतिम खरीद या आपूर्ति पूरी होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

Airbus और अमेरिकी कंपनी के नाम चर्चा में

इस परियोजना के संभावित दावेदारों में यूरोपीय कंपनी एयरबस का H-725 हेलीकॉप्टर और अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन का नाम रिपोर्ट में सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक कंपनी को अंतिम रूप से चुना हुआ नहीं माना जा सकता। अंतिम चयन संबंधित तकनीकी मानकों, परिचालन जरूरतों, लागत और खरीद प्रक्रिया के नतीजों पर निर्भर करेगा।

अभी Mi-17 V5 हेलीकॉप्टरों का होता है इस्तेमाल

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की हवाई आवाजाही में फिलहाल Mi-17 V5 हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाता है। नई खरीद का उद्देश्य वीवीआईपी परिवहन से जुड़ी जरूरतों के लिए विशेष रूप से तैयार हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराना है। भारत में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद का मुद्दा पहले भी विवादों में रहा है। पूर्व में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर कार्यक्रम घोटाले के कारण रद्द कर दिया गया था। अब विशेष जरूरतों के मुताबिक हेलीकॉप्टर खरीदने की नई योजना पर आगे बढ़ने की तैयारी है।

मौसम निगरानी प्रणाली और अन्य रक्षा खरीद को भी मंजूरी

रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में हेलीकॉप्टरों के अलावा अन्य रक्षा जरूरतों से जुड़ी खरीद योजनाओं को भी मंजूरी दिए जाने की जानकारी है। इनमें मोबाइल एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार प्रणाली शामिल है। यह प्रणाली अग्रिम और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय मौसम की विस्तृत निगरानी में मदद कर सकती है। दुर्गम इलाकों में मौसम की स्थिति की बेहतर जानकारी मिलने से सैन्य अभियानों और परिचालन योजना को लाभ हो सकता है। कुल मिलाकर 24 स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों की प्रस्तावित खरीद वीवीआईपी हवाई परिवहन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। अब परियोजना की आगे की खरीद प्रक्रिया, हेलीकॉप्टरों के अंतिम चयन और आपूर्ति से जुड़ी घोषणाओं पर नजर रहेगी।