नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भारत का अपना पहला दौरा पूरा कर रविवार को तेहरान के लिए रवाना हो गए। वह नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की। भारत से रवाना होने से पहले पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए जल्द ही ईरान में उनसे दोबारा मिलने की उम्मीद जताई। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दोनों नेताओं की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “अलविदा, मेरे प्रिय मित्र। मैं बहुत जल्द ईरान में आपसे मुलाकात की प्रतीक्षा कर रहा हूं।”

PM मोदी और पेजेश्कियन के बीच हुई अहम बातचीत

BRICS शिखर सम्मेलन से इतर शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की। यह पेजेश्कियन की भारत की पहली यात्रा थी। इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ईरान को दीर्घकालिक और पारस्परिक लाभ वाली रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय परिस्थितियों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बिश्केक से दिल्ली तक सार्थक संवाद जारी है। उन्होंने पेजेश्कियन की पहली भारत यात्रा को विशेष बताया।

राष्ट्रपति मुर्मू से भी मिले पेजेश्कियन

पेजेश्कियन ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों, सांस्कृतिक जुड़ाव और दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत रिश्तों पर चर्चा की। राष्ट्रपति मुर्मू ने बातचीत के दौरान संवाद और कूटनीति के जरिए स्थायी शांति कायम करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा

बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। भारत ने स्थायी शांति के लिए बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। पेजेश्कियन का भारत दौरा ऐसे समय में हुआ जब पश्चिम एशिया की परिस्थितियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। ऐसे में भारत और ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई बातचीत को रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। भारत से रवाना होते समय पेजेश्कियन का पीएम मोदी को “प्रिय मित्र” कहना और जल्द ईरान में फिर मुलाकात की उम्मीद जताना दोनों देशों के बीच रिश्तों की गर्मजोशी को भी दर्शाता है।