नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जिंदगी तो लगातार सुर्खियों में रहती है, मगर उनकी निजी दिनचर्या और जीवनशैली को लेकर भी लंबे समय से लोगों में दिलचस्पी रही है। प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक उनके शुरुआती जीवन में सादगी, मेहनत और अनुशासन का खास प्रभाव रहा और वे अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं। पुराने इंटरव्यू और विभिन्न किताबों में प्रकाशित विवरणों के मुताबिक, पीएम मोदी की दिनचर्या में जल्दी उठना, योग, ध्यान, पैदल चलना और सीमित भोजन जैसे पहलू लंबे समय से शामिल रहे हैं।

सुबह जल्दी उठने से शुरू होता है दिन

मोदी ने अलग-अलग मौकों पर अपनी नींद और सुबह की दिनचर्या के बारे में बताया है। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वे आमतौर पर बहुत कम घंटे सोते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं। हालांकि, उनकी बताई गई नींद की अवधि अलग-अलग इंटरव्यू में अलग रही है। सुबह के समय योग, प्राणायाम, ध्यान और वॉकिंग उनकी दिनचर्या का हिस्सा बताए जाते हैं। प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट भी बताती है कि वे अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं। 2019 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में मोदी के हवाले से बताया गया था कि वे रोजाना योग करते हैं और इसके साथ ध्यान व प्राणायाम को भी अपनी फिटनेस रूटीन का हिस्सा मानते हैं।

पंचतत्व वॉकिंग ट्रैक भी रहा चर्चा में

प्रधानमंत्री आवास में बने पंचतत्व आधारित वॉकिंग ट्रैक का जिक्र पीएम मोदी खुद सोशल मीडिया पर कर चुके हैं। यह ट्रैक पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पांच तत्वों की अवधारणा से प्रेरित बताया गया था। योग और पैदल चलने के साथ मोदी ने कई मौकों पर सांस से जुड़े व्यायाम और ध्यान को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताया है।

खाने में सादा शाकाहारी भोजन

मोदी की खान-पान की आदतों को लेकर भी कई किस्से सामने आते रहे हैं। उनके सार्वजनिक बयानों के अनुसार वे शाकाहारी भोजन करते हैं और खाने को लेकर किसी बेहद निश्चित या जटिल डाइट सिस्टम का दावा नहीं करते। 2026 में विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान मोदी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था कि वे अलग-अलग घरों में खाना खाते थे और खिचड़ी जैसे साधारण भोजन खुद भी बनाया करते थे। उन्होंने खान-पान को व्यक्ति की पसंद और जरूरत के हिसाब से रखने की बात कही। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में उनके पसंदीदा भोजन में पोहा, खिचड़ी, उपमा, खाखरा और चाय जैसी चीजों का उल्लेख मिलता रहा है।

उपवास भी दिनचर्या का हिस्सा

पीएम मोदी लंबे समय से व्रत रखने के बारे में भी सार्वजनिक रूप से बात करते रहे हैं। नवरात्रि के दौरान उनके उपवास की चर्चा अक्सर होती है। हालांकि अलग-अलग अवसरों पर उनके उपवास का तरीका अलग बताया गया है। इसलिए उनकी डाइट से जुड़ी सभी बातों को एक स्थायी डाइट चार्ट के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।

कपड़ों को लेकर भी है खास पसंद

पीएम मोदी के कपड़े उनकी सार्वजनिक पहचान का एक चर्चित हिस्सा रहे हैं। उनके कुर्ते और जैकेट की शैली को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। एक पुराने इंटरव्यू में पीएम मोदी ने खुद बताया था कि आधी आस्तीन वाले कुर्ते का विचार किसी डिजाइनर से नहीं, बल्कि उनकी अपनी जरूरत से निकला था। RSS के प्रचारक के दिनों में वे अपने कपड़े खुद धोते थे और उन्हें लगा कि छोटे आस्तीन वाले कुर्ते को धोना, सुखाना और साथ रखना आसान है। कपड़ों के रंग और संयोजन को लेकर भी मोदी ने कई मौकों पर बताया है कि वे खुद चुनाव करते हैं।

मां हीराबा से था गहरा लगाव

नरेंद्र मोदी के जीवन में उनकी मां हीराबा का विशेष स्थान रहा। प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक जीवनी के मुताबिक उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ और बचपन का बड़ा हिस्सा वडनगर में बीता। 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर से निकलकर देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा की और बाद में अहमदाबाद में RSS से जुड़े। हीराबा के निधन तक मोदी उनके जन्मदिन पर आशीर्वाद लेने जाते रहे। मां के साथ उनकी मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो कई बार सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बने।

तनाव या निजी परेशानी में किससे बात करते थे ?

पीएम मोदी की निजी जिंदगी से जुड़े एक पुराने इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि जब वे किसी तनाव या निजी परेशानी में होते हैं तो किससे सलाह लेते हैं। उन्होंने अपने RSS के शुरुआती दिनों के मार्गदर्शक लक्ष्मणराव इनामदार का विशेष रूप से उल्लेख किया था। नरेंद्र मोदी उन्हें अपने जीवन का महत्वपूर्ण मार्गदर्शक मानते रहे हैं। प्रधानमंत्री की आधिकारिक जीवनी में भी उनके RSS से जुड़ने और प्रचारक के रूप में शुरुआती वर्षों का उल्लेख मिलता है।

भाषण कौन तैयार करता है ?

प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों को लेकर भी अक्सर सवाल उठते हैं। RTI आधारित जानकारी के मुताबिक अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए संबंधित मंत्रालयों, विभागों, अधिकारियों और अन्य स्रोतों से इनपुट लिए जाते हैं। इसके बाद भाषण को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका रहती है।

फोन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए उनके संचार उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। सामान्य मोबाइल फोन और आधिकारिक सुरक्षित संचार व्यवस्था के बीच अंतर रखना जरूरी है। इसलिए इंटरनेट या मीडिया रिपोर्ट्स में बताए गए किसी विशेष डिवाइस को उनका नियमित निजी फोन मानने से पहले आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

विदेश यात्रा में भी रूटीन पर जोर

मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान भी उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहता है। बैठकों, द्विपक्षीय मुलाकातों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के बीच वे अपनी सामान्य दिनचर्या को बनाए रखने की कोशिश करते हैं। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि विदेश यात्राओं और शुरुआती दौर के सफर में वे समय का इस्तेमाल काफी योजनाबद्ध तरीके से करते थे।

छुट्टी लेने को लेकर क्या कहते रहे हैं मोदी ?

मोदी कई बार सार्वजनिक मंचों और इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में निजी छुट्टी नहीं ली। हालांकि ‘छुट्टी’ की प्रशासनिक परिभाषा और व्यक्तिगत अवकाश अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए इस दावे को उसी संदर्भ में समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक रूप से सामने आई जीवनशैली में अनुशासन, योग, जल्दी शुरुआत, सादा भोजन और व्यस्त कार्य-दिनचर्या जैसे पहलू प्रमुखता से दिखाई देते हैं। इनमें से कई विवरण खुद मोदी के पुराने इंटरव्यू, सार्वजनिक बयानों और आधिकारिक प्रोफाइल से सामने आए हैं, जबकि कुछ बातें मीडिया रिपोर्ट्स और किताबों में प्रकाशित विवरणों पर आधारित हैं।