नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026 : दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के बाद राजधानी में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को अवैध निर्माण वाली इमारतों पर सख्त कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर चलाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही दिल्ली के सभी PG और हॉस्टलों की गहन जांच कराने को कहा गया है। इस बीच सीएम रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जरूर मौजूद रहें। इसके अलावा संबंधित इमारतों के रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि अवैध निर्माण कब और कैसे हुआ तथा इसके लिए जिम्मेदार विभाग या अधिकारियों की भूमिका क्या रही।
सत्य निकेतन PG हादसे में सात लोगों की मौत
सत्य निकेतन में छह सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग अचानक ढह गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद MCD ने इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।मंगलवार तक 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी थी, जबकि सात अवैध ढांचों को सील किया गया था। हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
PG मालिक और ऑपरेटर समेत पांच गिरफ्तार
सत्य निकेतन हादसे के मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और PG ऑपरेटर सुधांशु शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, PG ऑपरेटर सुधांशु और उसका पार्टनर शुभम त्यागी अगस्त 2025 में बिल्डिंग को लीज पर लेकर हॉस्टल डेज नाम से PG चला रहे थे। शुभम फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बेसमेंट में पानी और सीलन की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा था। इसी दौरान पावर ट्रोवेल मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के कारण इमारत ढह गई।
पड़ोसी गर्ल्स PG में भी मिलीं दरारें
सत्य निकेतन में गिरी PG बिल्डिंग के पास स्थित कनक लता गर्ल्स PG की दीवारों और छत में दरारें सामने आई थीं। यहां रहने वाली छात्राओं ने हादसे से कुछ समय पहले अपने कमरे का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। वीडियो में दीवार और छत पर दरारें दिखाई दे रही थीं। छात्राओं ने इमारत की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। अब इस इमारत को गिराने की कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला
सत्य निकेतन हादसे का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत ने संकेत दिया है कि जर्जर और अवैध इमारतों का मुद्दा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में ऐसी इमारतों की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होनी है। सुप्रीम कोर्ट पहले भी अवैध और असुरक्षित इमारतों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में चल रहे PG
सत्य निकेतन लंबे समय से छात्रों के लिए प्रमुख PG हब रहा है। यहां बड़ी संख्या में मकानों में PG और हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं। इस हादसे के बाद कई छात्र अब अपने PG खाली कर रहे हैं। अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट्स ने भी दिल्ली की पुरानी इमारतों में अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण और संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है।
MCD के पांच अधिकारियों पर कार्रवाई
हादसे के बाद MCD के साउथ जोन के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सस्पेंड किया गया है। उनके अलावा चार इंजीनियरिंग अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सत्य निकेतन हादसे के बाद अब दिल्ली में अवैध निर्माण और PG-हॉस्टलों की सुरक्षा जांच को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आने वाले दिनों में कई इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई देखने को मिल सकती है।




