नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026 : पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के प्रति भारत की सैन्य नीति में एक अहम बदलाव बताया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के जरिए भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले लोगों और ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई केवल सीमा तक सीमित नहीं रहेगी। जनरल नरवणे ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी रणनीति में बदलाव का संकेत दिया। उनके मुताबिक पहले उरी और पुलवामा जैसे हमलों के बाद भारतीय कार्रवाई मुख्य रूप से सीमा के आसपास मौजूद आतंकी ठिकानों तक सीमित रही थी। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के अंदर स्थित उन ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जहां से आतंकवाद को समर्थन मिलने की बात सामने आई थी।
ऑपरेशन सिंदूर को क्यों बताया बड़ा बदलाव ?
पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के भीतर मुरीदके और बहावलपुर जैसे स्थानों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने इसे भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव बताया। नरवणे के अनुसार, इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें आतंकवादियों के खिलाफ उनके इलाके में जाकर कार्रवाई करने की बात कही गई थी।
‘कहीं भी होंगे, बच नहीं पाएंगे’
पाकिस्तान को लेकर पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि आतंकवाद के समर्थकों को यह समझना होगा कि वे किसी भी स्थान पर हों, भारतीय कार्रवाई से बचना आसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाएं सीमा पार होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं। पाकिस्तान की भारत से सैन्य मुकाबला करने की क्षमता को लेकर पूछे गए सवाल पर नरवणे ने सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में पाकिस्तान भारत का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है।
सिर क्रीक और ‘ऑपरेशन अबाबील’ पर क्या बोले ?
पाकिस्तान के सिर क्रीक क्षेत्र में कथित गतिविधियों और ‘ऑपरेशन अबाबील’ से जुड़े सवाल पर नरवणे ने कहा कि वह अब सेना में नहीं हैं, इसलिए इस कथित अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी उनके पास नहीं है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय सशस्त्र बल सीमा और आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखते हैं। जरूरत पड़ने पर उचित समय पर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। उन्होंने लोगों से किसी तरह की घबराहट नहीं करने की अपील भी की।
भारत-चीन सीमा विवाद पर नरवणे की राय
भारत और चीन के संबंधों पर भी पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी बात रखी। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का समाधान अभी पूरी तरह नहीं हुआ है। नरवणे के मुताबिक, भारत-चीन सीमा का वास्तविक निर्धारण कई स्तरों पर अभी भी स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच समय-समय पर तनाव और विवाद की स्थिति पैदा होती रहती है।
थिएटर कमांड पर भी दिया जोर
भारतीय सेना में थिएटर कमांड के गठन को लेकर नरवणे ने कहा कि इस दिशा में चर्चा कारगिल युद्ध के बाद से चल रही है। उनके अनुसार, थिएटराइजेशन कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि बदलती युद्ध परिस्थितियों के साथ इसमें लगातार बदलाव की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में फैसले लेने का समय तेजी से कम हो रहा है। ऐसे में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और थिएटर कमांड की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना भारत के लिए जरूरी है।




